Sunday, 14 January 2018

JIO HAPPY NEW YEAR PLAN 2018


https://youtu.be/gK7TsC_mtXs

Thursday, 28 December 2017

Sharpen Your Brain with the bunches of Green Leaf and vegetables

Sharpen Your Brain with the bunches of Green Leaf and vegetables




We have heard many times that you must eat green leafs and green vegetables. There is not be of great significance. Scientists at the University of Ruth University Medical Center say that if eat green veg leaf every day, it will reduce the risk of brain function.


More precisely, the loss of the brain in eleven years can be avoided by eating one day green leafs. Martha Claire Morris, a scientist, said she had been evaluated/researched for a period of ten years on the aged nearly 100 years old (81 years old) living in the Chicago area.

The research has begun to be investigated in the absence of symptoms like forgot, memory loss tests. Martha also explained how often they learned to eat greens. Based on this fact, they were divided into five groups and found that they were less likely to work compared to their brain function than those who consume more than a cup of leafy vegetables daily.



It is estimated that a cup of green leafy vegetables can be avoided by the 11-year brain loss due to the differences between the five groups.

Monday, 25 December 2017

5 Symptoms of week Eye Sight | अगर ऐसा है तो लग सकता है आपके बच्चे को भी चश्मा ||बच्‍चों की 5 आदतें जो उनकी कमजोर हो रही आंखों का है संकेत

बच्‍चों की 5 आदतें जो उनकी कमजोर हो रही आंखों का है संकेत


 
आजकल कम उम्र में ही बच्‍चों की आंखें कमजोर होने लगी है, वजह है मोबाइल, टैबलेट, टीवी। बच्‍चों पर ध्‍यान न देने की वजह से वह इन चीजों में व्‍यस्‍त रहते हैं। हम आपसे साझा कर रहे हैं कुछ लक्षण, जिन्हें वक्त रहते पकड़ा जाए तो बच्चों की आंखों का स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकता है।


सिरदर्द की शिकायत




बच्चों में सिरदर्द कॉमन चीज नहीं है। अगर आपका बच्चा लगातार सिरदर्द की शिकायत करे, पढ़ाई करते या टीवी देखते वक्त सिर में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं। आमतौर पर नजर कमजोर होने का यह पहला लक्षण है।


आंखें मलता है




नींद आने पर या आंखों में किसी छोटी-मोटी तकलीफ से कोई भी आंखें मलता है लेकिन अगर आपका बच्चा दिनभर आंखें मलता है तो यह कमज़ोर नज़र की निशानी भी हो सकती है। इसे नजरअंदाज न करें।

पलकों को तेज़ी से झपकाए

अगर बच्चे को उजाले से परेशानी हो या तेज़ रोशनी देखकर वह अपनी पलकों को तेज़ी से झपकाए तो सावधान हो जाएं। इन सारे लक्षणों का कारण है विटामिन की कमी। उसके आहार में विटामिन ए की मात्रा को बढ़ाएं, इससे पहले कि उसे चश्मा लग जाए।

आंख बंद करके टीवी देखे




जब बच्चा एक आंख बंद करके टीवी देखे या खेलता दिखे तो देर न करें। ये नजर कमजोर होने की पक्की निशानी है। हालांकि इसके पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं। बच्चे से पूछें कि क्या उसे देखने में दिक्कत हो रही है।

सिर घुमाते रहना




थोड़ी-थोड़ी देर में सिर घुमाते रहना भी नजर कमज़ोर होने का लक्षण है। अगर बच्चा टीवी देखते वक्त बीच-बीच में आंखें बंद कर लेता है तो इसे इग्नोर न करें। किसी अच्छे नेत्ररोग विशेषज्ञ से मिलें। बच्चे को कोई चीज या किताब या टीवी देखने के लिए पास जाकर खड़ा होना पड़े तो ये बताता है कि धीरे-धीरे बच्चे की नजर कमजोर हो रही है। उसे डांटने-डपटने की बजाए डॉक्टर के पास ले जाएं।

Friday, 22 December 2017

शादी के बाद क्‍यों निकल आती है पुरूषों की तोंद, जानें || Shadi Ke Bad Tond Kyu Nikalti Hai

शादी के बाद क्‍यों निकल आती है पुरूषों की तोंद, जानें



  • शादी करने के बाद मर्द अक्सर मोटे हो जाते हैं
  • बाप बनने के कुछ ही सालों के अंदर तो ये समस्या गंभीर हो सकती है।
  • शादी के बाद पुरुष अपनी सेहत का खास ख्याल रखने लगते हैं।



हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, शादी करने के बाद मर्द अक्सर मोटे हो जाते हैं और बाप बनने के कुछ ही सालों के अंदर तो ये समस्या कई गुणा गंभीर हो सकती है। गौरतलब है कि अमेरिका में अक्सर ये माना जाता रहा है कि शादी के बाद पुरुष अपनी सेहत का खास ख्याल रखने लगते हैं।


सोशल साइंस एंड मेडिसिन में प्रकाशित एक रिसर्च ने उस थ्योरी की पुष्टि की है जिसके मुताबिक जो लोग सिंगल है, लेकिन शादी करने की सोच रहे है, वे लोग अपनी फ़िटनेस को लेकर गंभीर होते हैं और अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए शादीशुदा लोगों से ज़्यादा मेहनत करते हैं।



इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी में कार्यरत जोएना साइर्दा के मुताबिक, लोगों के लिए ये जानना बेहद फ़ायदेमंद हो सकता है कि कौन से सामाजिक फ़ैक्टर्स उनके वज़न को प्रभावित कर सकते हैं। उनका कहना था कि जो लोग अपनी बॉडी मास इंडेक्स को बढ़ने से रोकना चाहते हैं, ऐसे लोगों को अपनी बदलती प्रेरणाओं, व्यवहार और खाने की आदतों को खास ख्याल रखना चाहिए।

Thursday, 21 December 2017

Six Packs Kyu Ni Ban Pate...

सिर्फ इन गलतियों की वजह से नहीं बन रहे हैं आपके सिक्स पैक एब्स


  • सिक्‍स पैक एब्‍स बनाने के लिए करें वर्कआउट।
  • इसके लिए अलग-अलग तरह की एक्‍सरसाइज है।
  • अच्‍छी फिटनेस के लिए सिर्फ जिम जाना ही काफी नही।




इस चकाचौंध भरी दुनिया में अच्‍छा फिगर पाने की हसरत हर किसी की होती है और फिटनेस की इस दुनिया में सिक्‍स पैक एब्‍स का अच्‍छा खासा महत्‍व है। हीरो जैसी फिटनेस के चक्कर में युवा जिम तो ज्वाइन कर लेते है लेकिन सही ट्रेनिंग के नही मिलने के कारण मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। लेकिन सिक्‍स पैक एब्‍स बनाने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ता है। इसके लिए अलग-अलग तरह की एक्‍सरसाइज है। एक्सपर्ट्स की मानें तो अच्‍छी फिटनेस के लिए सिर्फ जिम जाना ही काफी नही होता है बल्कि डायट भी बेहतर होना चाहिए। आइए जानते है की कौन से ऐसे कारण है जिनकी वजह से सिक्स पैक एब्स नहीं बन पाते हैं।


1. जब हम बाकी बॉडी पार्ट की कसरत वेट के साथ करते हैं मगर एब्स की नहीं तो हमें इसका परिणाम नही मिलता है। एब्स की मसल्स को भी वेट ट्रेनिंग की जरूरत होती है। मोटे मसल्स तभी बनेंगे जब हैवी वेट ट्रेनिंग होगी।

2. जब आप लोअर एब्‍स पर वर्क नही करते हैं तो भी एब्‍स नही बनते हैं। यानी कि सिक्स पैक एब्स बनाना चाहते हैं तो इसके लिए केवल लोअर एब एक्सरसाइज़ ही कारगर होगी। यह देखा जाता है की पुरुष वर्क आउट करते समय अपने लोअर एब्स पर ध्यान नहीं देते।

3. सिक्स पैक एब्स बनाने के लिए केवल एक सी ही एक्सरसाइज़ कर लेने से कुछ नहीं होता है। बहुत कम लोग ऐसे है जो ड्रैगन फ्लैग्स और तुर्किश गेट-अप्स करते हैं | सिक्स पैक एब्स बनाने के लिए यह जरुरी है की आप अपने दैनिक व्यायाम को रोटेट करते रहें और कुछ कठिन व्यायाम भी करें।

4. अक्सर देखा गया है लोग कार्डिओ एक्सरसाइज़ नहीं करते हैं जिस कारण भी उनके एब्स नहीं बन पातें हैं | कार्डिओ जैसे व्यायाम आपके लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित करने में मदद करते है।

5. कई युवा डेडलिफ्ट, बारबैल, पुश-अप्स और चिन-अप्स जैसे भारी व्यायाम नहीं करते, जो की एब्स बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण एक्सरसाइज़ हैं। इस वजह से भी उनके एब्स नहीं बन पाते। व्यायाम न सिर्फ पूरे शरीर पर बल्कि अतिरिक्त फैट को बर्न करते हुए एब्स को उभरने में भी मदद करती हैं।


6. सिक्स एब्स बनाने के लिए डाइट बहुत बहुत मायने रखती है। आपकी डाइट में ओट्स, चिकन चेस्ट, फिश, अंडे का सफेद हिस्सा, ब्रोकली, ग्रीन टी, कॉफी, सलाद, गर्म पानी और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने वाली चीजें होनी चाहिए। जो भी डाइट आप फॉलो कर रहे हैं उसे बेहद सख्ती से फॉलो करें।

Wednesday, 20 December 2017

खांसी से तुरंत छुटकारा दिलाता है अजवाइन का ऐसा प्रयोग, Ajwain Ke Benefits

खांसी से तुरंत छुटकारा दिलाता है अजवाइन का ऐसा प्रयोग



  • हिचकी, जी मचलाना, डकार, बदहजमी आदि में गुणकारी।
  • पेट खराब होने पर इसे एक कम गरम पानी के साथ पियें।
  • ठंड लगने पर थोड़ी सी अजावाइन को अच्छी तरह से चबाएं।



भारतीय खानपान में अजवाइन का प्रयोग सदियों से होता आया है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचन को दुरुस्त रखती है। यह कफ, पेट तथा छाती का दर्द और कृमि रोग में फायदेमंद होती है। साथ ही हिचकी, जी मचलाना, डकार, बदहजमी, मूत्र का रुकना और पथरी आदि बीमारी में भी लाभप्रद होती है। आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन पाचक, रुचिकारक, तीक्ष्ण, गर्म, चटपटी, कड़वी और पित्तवर्द्धक होती है। पाचक औषधियों में इसका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। अकेली अजवाइन ही सैकड़ों प्रकार के अन्न को पचाने वाली होती है। आइए हम आपको अजवाइन के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में जानकारी देते हैं।

खांसी होने पर

अजवाइन के रस में दो चुटकी काला नमक मिलाकर उसका सेवन करें और उसके बाद गर्म पानी पी लें। इससे आपकी खांसी ठीक हो जाएगी। आप काली खांसी से परेशान हैं तो जंगली अजवाइन के रस को सिरका और शहद के साथ मिलाकर दिन में 2-3 बार एक-एक चम्मच सेवन करें, राहत मिलेगी।


सर्दी जुकाम में

बंद नाक या सर्दी जुकाम होने पर अजवाइन को दरदरा कूट कर महीन कपड़े में बांधकर सूंघें। सर्दी में ठंड लगने पर थोड़ी-सी अजावाइन को अच्छी तरह चबाएं और चबाने के बाद पानी के साथ निगल लें। ठंड से राहत मिलेगी।

पेट खराब होने पर

पेट खराब होने पर अजवाइन को चबाकर खाएं और एक कप गर्म पानी पीएं। पेट में कीड़े हैं तो काले नमक के साथ अजवाइन खाएं। लीवर की परेशानी है तो 3 ग्राम अजवाइन और आधा ग्राम नमक भोजन के बाद लेने से काफी लाभ होगा। पाचन तंत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर मट्ठे के साथ अजवाइन लें, आराम मिलेगा।


वजन कम करें

अजवाइन मोटापे कम करने में भी उपयोगी होती है। रात में एक चम्मच अजवाइन को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह छान कर एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर पीने से लाभ होता है। इसके नियमित सेवन से मोटापा कम होता है।



मसूड़ों में सूजन

मसूड़ों में सूजन होने पर अजवाइन के तेल की कुछ बूंदों को गुनगुने पानी में डालकर कुल्ला करने से सूजन कम होती है। सरसों के तेल में अजवाइन डाल कर गर्म करें। इससे जोड़ों की मालिश करने पर दर्द से आराम मिलेगा।

Tuesday, 19 December 2017

BUDHAPE SE DOOR REHNE KE UPAYE


बुढ़ापा से रहना है दूर तो रोजाना खाएं इन 5 तरह के फूड!



बुढ़ा होना एक नेचुरल प्रक्रिया है, जिसे आने से कोई नहीं रोक सकता है, लेकिन जीवन में मिलने वाली तमाम तरह की चुनौतियों से लड़ते-लड़ते इंसान कितनी जल्‍दी बूढ़ा हो जाता है, ये बात वह खुद भी नहीं समझ पाता है। चेहरे पर झुर्रियां, आंखों के नीचे कालापन, बालों का रूखा होना जैसी चीजें दिखाती हैं कि आप बूढ़े होने लगे हैं। ऐसे में हमारा खानपान बेहतर होना बहुत जरूरी है। हम आपको ऐसे फूड के बारे में बता रहे हैं, जिसके सेवन से बुढ़ापा जल्‍दी नहीं आएगा।


टमाटर और तरबूज

टमाटर और तरबूज लाइकोपेन के समृद्ध स्रोत के रूप में जाने जाते हैं। लाइकोपेन फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रिलाइज करता हुआ उनका सामना करता है और विशेष तरह के कैंसर होने के चांस भी घटाता है। एन्टिऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी त्वचा को सन डैमेज से सुरक्षित रखती है। पकाये गये टमाटर बेहतर विकल्प हैं क्योंकि गर्म होने के कारण शरीर में अधिक एन्टिऑक्सीडेंट्स मिलते हैं। टमाटर का जूस और कच्चे टमाटर भी अच्छे स्रोत हैं।


लहसुन और सब्जियां

लहसुन और दूसरी सब्जियां जैसे प्याज, लीक्स और शैलॉट्स में एलियम होता है जो फ्री रेडिकल्स का सामना करने का ताकतवर हथियार है। ये न केवल एजिंग का सामना करते हैं बल्कि शरीर के इम्यून सिस्टम की मज़बूती भी बढ़ाते हैं।


बेरीज

बेरीज जैसे कि ब्ल्यूबेरीज, स्ट्रॉबेरीज, ब्लैकबेरीज, चेरीज और पॉमग्रेनेट एन्टिऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। गहरे रंगों वाले फल और सब्जियों में एन्टिऑक्सीडेंट कैमिकल्स सुरक्षित रहते हैं।


बीन्‍स

सभी तरह की बीन्स, रेड, ब्लैक, किडनी, एन्टिऑक्सीडेंट्स का समृद्ध स्रोत हैं। सोयाबीन्स में आईसोफ्लेवन्स होता है जिसमें एन्टि-एजिंग गुण होते हैं। ये कैंसर, बैड कोलेस्ट्रॉल और ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में सहायक होते हैं।

नट्स

नट्स में स्वास्थ्यवर्धक फैट होते हैं जो इलास्टिन और कोलेजेन का लाभ देते हुए (त्वचा में पाये जाने वाले प्रोटीन) त्वचा की नमी बरकरार रखते हैं। एक मुट्ठी नट्स रोज लेने से आपको ज़रूरी एन्टिऑक्सीडेंट्स मिल जाते हैं। कम मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है क्योंोकि नट्स में काफी कैलोरी होती है।


HONTHO KO SOFT BNAYE RAKHE

सर्दी में फटे होंठों को मुलायम रखता है घर में बना ये लिप बाम

 

अगर आप भी मार्केट में मिलने वाले लिप बाम का बार बार इस्‍तेमाल करते हैं तो ये लेख आपके लिए ही है। हम आपको बता रहे हैं कि घर में कैसे लिप बाम बनाकर होठों को सेहतमंद बना सकते हैं।


लिप बाम



वैसे तो सर्दी का मौसम बहुत ही मस्‍त होता है। लेकिन कुछ लोगों को इस मौसम में तमाम तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। इनमें सबसे बड़ी समस्‍या है फटे होंठ और रूखी त्‍वचा। फटे होंठों को नर्म और मुलायम रखना बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए लोग दिनभर लिप बाम लगाते रहते हैं, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद इसका असर खत्‍म हो जाता है। अगर आप भी मार्केट में मिलने वाले लिप बाम का बार बार इस्‍तेमाल करते हैं तो ये लेख आपके लिए ही है। हम आपको बता रहे हैं कि घर में कैसे लिप बाम बनाकर होठों को सेहतमंद बना सकते हैं।


ऐसे बनाएं

माइक्रोवेव बाउल में थोड़ा पेट्रोलियम जेली डालें, अपनी जरूरत के अनुसार जितना ज़्यादा या कम पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करें। अगर आप पूरा पेट्रोलियम जेली के टब का इस्तेमाल करते हैं, तो तैयार लिप बाम को उसी कंटेनर में डालकर स्टोर कर सकते हैं।


गर्म करें

आप अपने पेट्रोलियम जेली को माइक्रोवेव में या हीट-प्रूफ बाउल में डालकर खोलते पानी में रखकर गरम कर सकते हैं।


कलर का मिश्रण

पेट्रोलियम जेली में रंग मिलाने के लिए अपनी मनपसंद लिप-स्टिक से एक छोटा सा टुकड़ा काटें, आइ-शैडो, या थोड़ा सा ब्लश स्क्रैप करें और अच्छे से मिलाएं। एक चम्मच के सहारे अच्छी तरह से इसे मिलाएं। इसे फिर से गरम करें ताकि मिलाने में आसानी होगी।




खुशबू के लिए

थोड़ा सा जूस या अर्क मिलाएं। जितनी खुशबू आप चाहते हैं उतना जूस या अर्क मिलाएं। इस मिश्रण को ठंडा होने दें: बाम को कंटेनर में भर दें और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करें।

Monday, 18 December 2017

THYROID KA ILAAZ

इस तरह करें अलसी का सेवन, हर तरह के थायराइड का होगा सफाया


 

जब कोई व्यक्ति थायराइड नामक रोग से जूझता है तो थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने से रक्त में थायराक्सिन नामक हार्मोन का स्तर पर प्रभाव पड़ता है।

थायराइड का होगा सफाया

किसी समय में थायराइड का रोग बहुत ही कम लोगों में देखा जाता है। जबकि आज आलम ये है कि ये रोग हर दूसरे आदमी को हो रहा है। जब कोई व्यक्ति थायराइड नामक रोग से जूझता है तो थायराइड ग्रंथि के ठीक से काम न करने से रक्त में थायराक्सिन नामक हार्मोन का स्तर पर प्रभाव पड़ता है। इस प्रभाव को दो श्रेणी हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायाराइडिज्म में रखा जाता है। आज हम आपको थायराइड से बचने के ​कुछ घरेलू नुस्खे बता रहे हैं।


अलसी है रामबाण
थायराइड नामक रोग से निजात पाने के लिए अलसी रामबाण नुस्खा है। अलसी में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। यह एसिड थायरायड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने में आवश्‍यक भूमिका निभाता है। हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को अलसी और अलसी के तेल का प्रयोग जरूर करना चाहिए।


अखरोट

अखरोट को भी थायराइड का सफाया करने के लिए काफी फायदेमंद कहा जाता है। साथ ही सीफूड के अलावा काले अखरोट को आयोडीन का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। आयोडीन एक आवश्‍यक पोषक तत्‍व है जो थायराइड ग्रंथि के स्वास्थ्य और कामकाज को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


मुलेठी

मुलेठी का उपयोग खांसी के लिए अक्सर किया जाता है। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि मुलेठी थायराइड ग्‍लैंड में संतुलन बनाने का काम भी करता है। जिससे थायराइड के मरीजों में होने वाली थकान एनर्जी में बदलती है। इसके अलावा मुलेठी में पाया जाने वाला प्रमुख घटक ट्रीटरपेनोइड ग्लाइसेरीथेनिक एसिड अत्यधिक आक्रामक होता है जो थायराइड कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।


गेहूं

गेहूं प्रकृति की अनमोल देन है। इसमें अनेक औषधीय और रोग निवारक गुण पाए जाते हैं। गेहूं रक्त व रक्त संचार संबंधी रोगों, रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, सर्दी, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, पाचन संबंधी रोग और थायराइड ग्रंथि के रोग में काम आता है।


दही

थाइराइड के रोगियों के लिए दही सबसे बेहतर आहार माना जाता है। दही खाने से शरीर में इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। जिससे थाइरॉयड कंट्रोल में रहता है और काफी हद तक सही भी होता है।


Kidney Stone Me in Baton Ka Raakhe Khayal




क्या आपको भी है किडनी स्टोन? तो इन 5 बातों का रखें ख्याल


  • क्या आपको भी है किडनी स्टोन।
  • किडनी स्टोन में इन 5 बातों का रखें ख्याल।
  • किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। 




किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। हालांकि प्राकृतिक तौर पर ही किडनी बहुत मजबूत अंग होता है। लेकिन कई बार हम अपनी कुछ गलतियों और लापरवाही की वजह से किडनी की समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं। किडनी की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्लड फिल्टर के रूप में काम करने वाले इस ऑर्गन के बिना व्यक्ति का जीवित रहना मुश्किल है। ऐसे में अगर आप हमेशा स्वस्थ रहना चाहते है तो किडनी की देखभाल बहुत जरूरी है। हमारे शरीर में किडनियों का जोडा पीठ के मध्य भाग में पसलियों के ठीक नीचे स्थित होता है। इनका आकार हमारी मुट्ठी के बराबर होता है और ये देखने में राजमा जैसी लगती हैं।



किडनी स्टोन है बड़ी बीमारी

किडनी जब खून को फिल्टर करती है तो उसमें से सोडियम और कैल्शियम के अलावा अन्य मिनरल्स के अवशेष बारीक कणों के रूप में निकल कर यूरेटर के माध्यम से ब्लैडर तक पहुंचते हैं, जो यूरिन के साथ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। लेकिन जब कभी-कभी खून में इन तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है तो ये किडनी में जमा होकर रेत के कणों या पत्थर के टुकडों जैसा आकार ग्रहण कर लेते है और इनसे ब्लैडर तक यूरिन पहुंचने के रास्ते में रुकावट आती है।

किडनी खराब होने के लक्षण

जब भी किसी की किडनी में कोई समस्या पैदा होती है उसके लक्षण साफ तौर पर शरीर में दिखते हैं। वो अलग बात है कि व्यक्ति कभी अंजाने में और कभी लापरवाही के चलते इन्हें नजरअंदाज कर देता है। आइए जानते हैं क्या हैं किडनी खराब होने के लक्षण। पेट में तेज दर्द, बार-बार टॉयलेट जाना, पेशाब करते वक्त हल्का दर्द होना, पेशाब के साथ ब्लड आना, कंपकंपी के साथ बुखार, भूख न लगना और जी मिचलाना आदि किडनी खराब होने के मुख्य लक्षण हैं।

किडनी स्टोन के उपचार

कई बार किडनी में स्टोन की समस्या दवाओं से भी सही होने का नाम नहीं लेती। लेकिन अगर समस्या गंभीर न हो तो यह दवाओं से ही ठीक हो जाती है। बावजूद इसके कई बार किडनी में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। जिसके चलते स्टोन सख्त हो जाते हैं और उन्हें निकालने के लिए सर्जरी की जरूरत होती है। हालांकि, आजकल सर्जरी के अलावा लैप्रोस्कोपी, यूरेट्रोस्कोपी जैसी कई तरह की नई तकनीकें विकसित की जा चुकी हैं, जिनकी मदद से स्टोन को आसानी से बाहर निकाला जा सकता है और मरीज को कोई तकलीफ भी नहीं होती।




JIO HAPPY NEW YEAR PLAN 2018

https://youtu.be/gK7TsC_mtXs