Wednesday, 6 December 2017

REDUCE BELLY FAT ||केवल 7 दिनों में कम करें अपनी टम्‍मी||

केवल 7 दिनों में कम करें अपनी टम्‍मी


बिजी दिनचर्या की वजह से आपको शायद जिम जाने का समय नहीं मिलता होगा। लेकिन वहीं दूसरी तरफ आपको अचानक याद आता है कि एक हफ्ते बाद आपकी सहेली की शादी पड़ रही है। अब आप परेशान हो जाती है कि अब आप अपनी मन-पसंद साड़ी कैसे पहनेगी क्‍योंकि आपका फिगर तो फैल चुका है। लेकिन चिंता मत कीजिये क्‍योंकि आपके पास टम्‍मी को कम करने के लिये एक ऑपशन बाकी रह गया है। हम यह नहीं कहते की आप अपने शरीर का सारा वजन एक ह‍फ्ते में कम कर लेंगी पर यकीन मानिये कि आप अपनी टम्‍मी का साइज जरुर कम कर सकती हैं। आइये जानते हैं कैसे-

》 इन स्‍टेप को करें फॉलो :-

● स्‍टेप 1: अगर आपको एक ही समय में अपनी चर्बी कम करके मसल्‍स बनानी है, तो हफ्ते में तीन दिन बिना रुके 15 बार लगातार, पुल अप, पुश अप और स्‍किपिंग करें। इस वर्कआउट से आपके अंदर कुल 500 से 600 तक की कैलोरी बर्न होगी।

● स्‍टेप 2: आपको हफ्ते में तीन बार ऐब्डामनल मासपेशियों का व्‍यायाम करना पड़ेगा। इसमें क्रंचेज और पैरों की स्‍ट्रेचिंग को 20 बार लगातार करना होगा। इसके अलावा पुश अप डायरेक्‍शन में 30 से 60 सेकेंड के लिये प्‍लैंक भी करें।

● स्‍टेप 3: ऐसा आहार खाएं जिसमें चीनी की मात्रा कम हो। खाने की आदतों में सुधार ला कर केवल फल, सब्‍जियां, साबुत से बना ब्रेड, चिकन, मछली और लो फैट मिल्‍क आदि ही खाएं।

● स्‍टेप 4: पानी खूब पिएं और जितना हो सके सोडियम की मात्रा कम से कम ग्रहण करें। इसका यह मतलब है कि आपको नमक पर कुछ दिनों के लिये रोक लगानी होगी, जिसके लिये भोजन में अन्‍य मसाले डालिये और स्‍वाद बढाइये।

● स्‍टेप 5: जितना हो टेंशन फ्री रहें, तनाव और चिंता करने से शरीर में कुछ तरह के हार्मोन, जैसे कार्टिसोल बढ़ जाता है। इस हार्मोन से पेट की ओर चर्बी बढ़ती है इसलिये हमेशा कूल रहने की कोशिश करें।

Tuesday, 21 November 2017

DENGUE TREATMENT

डेंगू का उपचार (Treatment of Dengue)

आजकल डेंगू एक बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है, जिससे कई लोगों की जान जा रही है l

यह एक ऐसा वायरल रोग है जिसका मेडिकल चिकित्सा पद्धति में कोई इलाज नहीं है परन्तु आयुर्वेद में इसका इलाज है और वो इतना सरल और सस्ता है की उसे कोई भी कर सकता है l
तीव्र ज्वर, सर में तेज़ दर्द, आँखों के पीछे दर्द होना, उल्टियाँ लगना, त्वचा का सुखना तथा खून के प्लेटलेट की मात्रा का तेज़ी से कम होना डेंगू के कुछ लक्षण हैं जिनका यदि समय रहते इलाज न किया जाए तो रोगी की मृत्यु भी सकती है l

यदि आपके किसी भी जानकार को यह रोग हुआ हो और खून में प्लेटलेट की संख्या कम होती जा रही हो तो चित्र में दिखाई गयी चार चीज़ें रोगी को दें :

१) अनार जूस
२) गेहूं घास रस
३) पपीते के पत्तों का रस
४) गिलोय/अमृता/अमरबेल सत्व

- अनार जूस तथा गेहूं घास रस नया खून बनाने तथा रोगी की रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करने के लिए है, अनार जूस आसानी से उपलब्ध है यदि गेहूं घास रस ना मिले तो रोगी को सेब का रस भी दिया जा सकता है l

- पपीते के पत्तों का रस सबसे महत्वपूर्ण है, पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है उसकी ताज़ी पत्तियों का रस निकाल कर मरीज़ को दिन में २ से ३ बार दें , एक दिन की खुराक के बाद ही प्लेटलेट की संक्या बढ़ने लगेगी l

- गिलोय की बेल का सत्व मरीज़ को दिन में २-३ बार दें, इससे खून में प्लेटलेट की संख्या बढती है, रोग से लड़ने की शक्ति बढती है तथा कई रोगों का नाश होता है l यदि गिलोय की बेल आपको ना मिले तो किसी भी नजदीकी पतंजली चिकित्सालय में जाकर "गिलोय घनवटी" ले आयें जिसकी एक एक गोली रोगी को दिन में 3 बार दें l

यदि बुखार १ दिन से ज्यादा रहे तो खून की जांच अवश्य करवा लें l
यदि रोगी बार बार उलटी करे तो सेब के रस में थोडा नीम्बू मिला कर रोगी को दें, उल्टियाँ बंद हो जाएंगी l

ये रोगी को अंग्रेजी दवाइयां दी जा रही है तब भी यह चीज़ें रोगी की बिना किसी डर के दी जा सकती हैं l
डेंगू जितना जल्दी पकड़ में आये उतना जल्दी उपचार आसान हो जाता है और रोग जल्दी ख़त्म होता है l
रोगी के खान पान का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बिना खान पान कोई दवाई असर नहीं करती

Saturday, 11 November 2017

GORI TAVACHA PANE KE UPAYE

गोरी त्वचा पाने के उपाय

गोरी निखरी त्वचा पाने के लिए महिलाएं हर जतन करने के लिए तैयार रहती हैं। इसके लिए वे अपना काफी समय ब्यूटी पार्लर में भी बिताती हैं लेकिन कुछ खास फायदा नजर नहीं आता है। खूबसूरत त्वचा पाना कोई एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए आपको हर रोज अपने चेहरे का विशेष ध्यान रखना चाहिए। त्वचा को निखारने में जितनी भूमिका ब्यूटी प्रोड्क्टस की होती है उसे कहीं ज्यादा आपके द्वारा लिए जा रहे है आहार की होती है। जिस तरह शरीर को पोषण की जरूरत होती है उसी तरह हमारी त्वचा को भी इसकी जरूरत होती है। आपकी त्वचा को गोरा निखरा बनाने के लिए हम लेकर आए हैं कुछ आसान टिप्स:


जरूरी विटामिन


अक्सर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनके क्रीम और लोशन विटामिन सी या ई मौजूद है तो उन्हें आहार की जरूरत नहीं है। लेकिन यह धारणा गलत है अगर आप इन विटामिनों से भरपूर फल या सब्जियां खाएंगी तो यह आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद होगा। इन विटामिनों के सेवन से आपके चेहरे पर सूरज की रोशनी से चेहरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा इसके अलावा ऐसे आहार झुर्रियों से भी बचाते हैं।

चेहरे की सफाई

गर्मी के मौसम में चेहरे को कई बार ठंडे पानी से धो सकते हैं। यह आपके चेहरे से गंदगी और मृत त्वचा को बाहर निकालेगा। जब भी कहीं बाहर से आएं तो अपने चेहरे को क्लींजर से साफ करें। अगर चेहरे पर पिंपल हैं तो एंटीबैक्टीररियल क्लींजर का प्रयोग करें जिससे पोर्स खुल जाएं और गंदगी साफ हो जाए।
दूध और गाजर का रस
गाजर में बीटा कैरोटीन पाया जाता है जो कि त्वचा में कसाव लाता है। इस पैक को बनाने के लिये, गाजर को कस लीजिये और उसमें दूध मिला लीजिये। इसे अपने चेहरे पर कुछ मिनट के लिये लगा कर मसाज करें और फिर उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इसके साथ दही भी मिला कर मसाज कर सकती हैं। अगर यह पैक लगाने के बाद आपका चेहरा ऑयली हो जाए तो आप हल्का सा फेस वॉश लगा कर मुंह धो सकती हैं। इसे लगातार इस्तेमाल करने से त्वचा में निखार आएगा।

हल्दी निखारे रंग

त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी का प्रयोग सबसे उत्तम तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हमेशा ध्यान रखें कि आप खड़ी हल्दी का ही प्रयोग करें न कि बाजार में मिलने वाली पैकेट हल्दी। एक मिक्स‍र में खड़ी हल्दी और थोड़ी सी ताज़ी मलाई डाल कर ब्लेंड करें। जब पेस्ट तैयार हो जाए तब उसमें दूध और आटा मिलाएं और गाढ़ा पे बनाएं। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।

चंदन बनाएं खूबसूरत

रंग निखारने के लिए चंदन का प्रयोग करना अच्छा है। चंदन से चेहरे को किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्टन को अपने चेहरे और गदर्न में अच्छी  तरह से लगा लें।

उबटन बनाए गोरा


आपने देखा होगा लड़कियों को शादी से 15 पहले उबटन लगाना शुरु कर दिया जाता जिससे उनका रंग निखर जाता है। उबटन रंग निखारने का सबसे अच्छा व आसान तरीका माना जाता है। उबटन बनाने के लिए आप काली सरसों को दूध में उबाल कर सुखा लें फिर उसे रोज थोड़ा-थोड़ा पीस कर हाथ-पैर व चेहरे पर लगाएं। फिर देखें कैसे आपकी त्वचा कुछ ही दिनों में निखर जाएगी।

Wednesday, 20 September 2017

KELE KE CHILKE KE BENEFITS इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा

इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा




  • छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें
  • इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं
  • केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं





ब्रेकफास्ट टेबल पर केले लगभग हर घर की तस्वीर हैं। केले खाने के बाद क्या आप भी इसका छिलका डस्टबिन में डाल देते हैं? तो अगली बार ये करने से पहले ये जान लें कि स्किन के लिए ये उतने ही फायदेमंद हैं, जितना कि कोई भी अच्छा फेशियल। हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं कुछ टिप्स, जिन्हें आजमाकर स्किन में ग्लो आएगा और साथ ही कई तरह की स्किन प्रॉबलम्स से भी निजात मिलेगी। 


1> छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें और लगभग आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें। रेगुलर करने पर इससे झुर्रियां खत्म हो जाएंगी। 

2> इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाते हैं और त्वचा में चमक लाते हैं। ये एंटी-एजिंग क्रीम से ज्यादा असरदार होते हैं। 

3> केले के छिलके से सफेद रेशे के निकालकर अलोयवेरा जेल में मिलाएं और आंखों के आसपास लगाएं। ऐसा करने से डार्क सर्कल्स कम होंगे। 

4> छिलके का एक छोटा टुकड़ा काट लें और इसे एक्ने प्रोन स्किन पर धीरे-धीरे रगड़ें। 10 मिनट तक ऐसा करें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। 

5> केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं और नए नहीं निकलते। इसके लिए छिलके की भीतरी परत को त्वचा पर मलें।


Tuesday, 29 August 2017

Mitti Ki Handi Se Khana Bane Laziz मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे

मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे





  • खाने से हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें।
  • कूकर की भाप से भोजन पकता नहीं बल्कि उबलता है।
  • मिट्टी के बर्तनों में पके खाने में 100 प्रतिशत पोषक तत्‍व रहते है।



आज के समय में आप जो खा रहे हैं वह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है और ना ही हरी सब्जियों की कोई गारंटी। मतलब साफ है कि साइंस के इस युग में किसी के स्वास्थ का कोई मोल नहीं है। जबकि हम लोग खाना इसलिए खाते हैं ताकी हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें। हालांकि हमारे आहार में मिनरल्‍स, विटामिन्‍स और प्रोटीन मौजूद होते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि गुणों बढ़ाने या घटाने में पकाने वाले बर्तन का विशेष स्‍थान होता है। शायद आपको यह बात थोड़ी अजीब से लग रही होगी, लेकिन यह सच है।

प्राचीन काल से ही मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की प्रथा रही है। आज भले ही साइंस ने कितनी भी तरक्की क्यों न कर ली हो, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो आज भी मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर की तुलना में कई गुना ज्यादा लाभकारी सिद्ध होता है। मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से हर बीमारी को शरीर से दूर रखा जा सकता है। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान ने भी माना है।



क्‍यों फायदेमंद है मिट्टी की हांडी में खाना पकाना

आयुर्वेद के अुनसार खाना पकाते समय उसे हवा का स्पर्श मिलना बहुत जरूरी होता है। लेकिन प्रेशर कूकर के भाप से भोजन पकता नहीं है बल्कि उबलता है। भोजन धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। इससे भोजन पौष्टिक के साथ स्वादिष्ट भी बनता है। साथ ही भोजन में मौजूद सभी प्रोटीन शरीर को खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं। मिट्टी के बर्तनों में खाना थोड़ा धीमा बनता है पर सेहत को पूरा फायदा मिलता है। और जो खाना जल्दी पकता है वो खतरनाक भी होता है।

इंसान के शरीर को रोज 18 प्रकार के सूक्षम पोषक तत्व मिलने चाहिए। जो केवल मिट्टी से ही आते हैं। कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सल्‍फर, आयरन, सिलिकॉन, कोबाल्ट, जिप्सम आदि। मिट्टी के इन्ही गुणों और पवित्रता के कारण हमारे यहां आज भी कर्इ मंदिरों में मिट्टी के बर्तनों में प्रसाद बनता है। लेकिन प्रेशर कुकर एल्यूमीनियम का होता है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। जिससे टी.बी, डायबिटीज, अस्थमा और पेरेलिसिस हो सकता है। इसलिए प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक है। आइये जानें मिट्टी के बर्तनों में खाना क्‍यों पकाना चाहिए।





स्‍वादिष्‍ट बनता है भोजन

हालांकि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने में थोड़ा समय ज्‍यादा लगता है लेकिन स्वाद के मामले में मिट्टी के बर्तनों में पके भोजन का कोई जवाब नहीं। प्रेशर कुकर में बनाए भोजन की तुलना में मिट्टी के बर्तनों में पकाया भोजन काफी ज्यादा स्वादिष्ट होता हैं। अगर आपको खाने में सौंधी-सौंधी खुशबू पसंद है, तो मिट्टी के बर्तन में पका हुआ खाना आपको एक अलग स्वाद का अनुभव कराएगा।

माइक्रो न्यूट्रीएंट्स कम नहीं होते 

क्‍या आप जानते हैं कि स्‍वादिष्‍ट बनने के साथ मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल में माइक्रो न्यूट्रीएंट्स 100 प्रतिशत रहते है जबकि, प्रेशर कुकर में पकाई दाल में 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पीतल के बर्तन में बनाने से केवल 7 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं। कांसे के बर्तन में बनाने से केवल 3 प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।




खाना खराब नहीं होता

मिट्टी के बर्तन में पके भोजन जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही मिट्टी के बर्तन में पकाए भोजन आपके पोषक तत्वों को कम नहीं होने देते।

दूध और दूध से बने प्रोडक्‍ट के लिए सबसे उपयुक्त

आपने बंगालियों की सबसे पसंदीदा चीज यानी मिष्टी दोई या दही तो जरूर खाया होगा। अगर आपको भी यह पसंद है तो इसे खाने के लिए आपको बंगाल जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर पर मिट्टी की हांडी में इसे बना सकते हैं। इसी तरह आप इसमें नॉर्मल दही भी जमा सकते हैं। अगर आप इसमें गर्म दूध डालकर पिएंगे तो आपको दूध बहुत ही स्वादिष्ट लगेगा और आप हमेशा ऐसे ही दूध पीना चाहेंगे क्योंकि मिट्टी की खुशबू दूध के स्वाद को दोगुना कर देगी।

इस तरह मिट्टी की हांडी में खाना पकाना कितना लाभदायक होता है आप जान चुके हैं। इसलिए हम आपसे यही कहेंगे कि जहां तक हो सके कुकर की तुलना में मिट्टी की हांडी में खाना पकाना ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि इसमें आपका भोजन स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर रहता है! समय थोड़ा ज्यादा तो जरूर लगेगा, लेकिन इसमें पकाए गए भोजन के स्वाद और गुणवत्ता की पूरी गारंटी है। हालांकि बहुत ही कम लोग इस बात को मानेगें लेकिन ये बात सच है कि अगर आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करें।

REDUCE BELLY FAT ||केवल 7 दिनों में कम करें अपनी टम्‍मी||

केवल 7 दिनों में कम करें अपनी टम्‍मी बिजी दिनचर्या की वजह से आपको शायद जिम जाने का समय नहीं मिलता होगा। लेकिन वहीं दूसरी तरफ आपको अचानक ...