Saturday, 11 November 2017

GORI TAVACHA PANE KE UPAYE

गोरी त्वचा पाने के उपाय

गोरी निखरी त्वचा पाने के लिए महिलाएं हर जतन करने के लिए तैयार रहती हैं। इसके लिए वे अपना काफी समय ब्यूटी पार्लर में भी बिताती हैं लेकिन कुछ खास फायदा नजर नहीं आता है। खूबसूरत त्वचा पाना कोई एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए आपको हर रोज अपने चेहरे का विशेष ध्यान रखना चाहिए। त्वचा को निखारने में जितनी भूमिका ब्यूटी प्रोड्क्टस की होती है उसे कहीं ज्यादा आपके द्वारा लिए जा रहे है आहार की होती है। जिस तरह शरीर को पोषण की जरूरत होती है उसी तरह हमारी त्वचा को भी इसकी जरूरत होती है। आपकी त्वचा को गोरा निखरा बनाने के लिए हम लेकर आए हैं कुछ आसान टिप्स:


जरूरी विटामिन


अक्सर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनके क्रीम और लोशन विटामिन सी या ई मौजूद है तो उन्हें आहार की जरूरत नहीं है। लेकिन यह धारणा गलत है अगर आप इन विटामिनों से भरपूर फल या सब्जियां खाएंगी तो यह आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद होगा। इन विटामिनों के सेवन से आपके चेहरे पर सूरज की रोशनी से चेहरे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा इसके अलावा ऐसे आहार झुर्रियों से भी बचाते हैं।

चेहरे की सफाई

गर्मी के मौसम में चेहरे को कई बार ठंडे पानी से धो सकते हैं। यह आपके चेहरे से गंदगी और मृत त्वचा को बाहर निकालेगा। जब भी कहीं बाहर से आएं तो अपने चेहरे को क्लींजर से साफ करें। अगर चेहरे पर पिंपल हैं तो एंटीबैक्टीररियल क्लींजर का प्रयोग करें जिससे पोर्स खुल जाएं और गंदगी साफ हो जाए।
दूध और गाजर का रस
गाजर में बीटा कैरोटीन पाया जाता है जो कि त्वचा में कसाव लाता है। इस पैक को बनाने के लिये, गाजर को कस लीजिये और उसमें दूध मिला लीजिये। इसे अपने चेहरे पर कुछ मिनट के लिये लगा कर मसाज करें और फिर उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इसके साथ दही भी मिला कर मसाज कर सकती हैं। अगर यह पैक लगाने के बाद आपका चेहरा ऑयली हो जाए तो आप हल्का सा फेस वॉश लगा कर मुंह धो सकती हैं। इसे लगातार इस्तेमाल करने से त्वचा में निखार आएगा।

हल्दी निखारे रंग

त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी का प्रयोग सबसे उत्तम तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हमेशा ध्यान रखें कि आप खड़ी हल्दी का ही प्रयोग करें न कि बाजार में मिलने वाली पैकेट हल्दी। एक मिक्स‍र में खड़ी हल्दी और थोड़ी सी ताज़ी मलाई डाल कर ब्लेंड करें। जब पेस्ट तैयार हो जाए तब उसमें दूध और आटा मिलाएं और गाढ़ा पे बनाएं। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।

चंदन बनाएं खूबसूरत

रंग निखारने के लिए चंदन का प्रयोग करना अच्छा है। चंदन से चेहरे को किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है। गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्टन को अपने चेहरे और गदर्न में अच्छी  तरह से लगा लें।

उबटन बनाए गोरा


आपने देखा होगा लड़कियों को शादी से 15 पहले उबटन लगाना शुरु कर दिया जाता जिससे उनका रंग निखर जाता है। उबटन रंग निखारने का सबसे अच्छा व आसान तरीका माना जाता है। उबटन बनाने के लिए आप काली सरसों को दूध में उबाल कर सुखा लें फिर उसे रोज थोड़ा-थोड़ा पीस कर हाथ-पैर व चेहरे पर लगाएं। फिर देखें कैसे आपकी त्वचा कुछ ही दिनों में निखर जाएगी।

Wednesday, 20 September 2017

KELE KE CHILKE KE BENEFITS इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा

इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा




  • छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें
  • इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं
  • केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं





ब्रेकफास्ट टेबल पर केले लगभग हर घर की तस्वीर हैं। केले खाने के बाद क्या आप भी इसका छिलका डस्टबिन में डाल देते हैं? तो अगली बार ये करने से पहले ये जान लें कि स्किन के लिए ये उतने ही फायदेमंद हैं, जितना कि कोई भी अच्छा फेशियल। हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं कुछ टिप्स, जिन्हें आजमाकर स्किन में ग्लो आएगा और साथ ही कई तरह की स्किन प्रॉबलम्स से भी निजात मिलेगी। 


1> छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें और लगभग आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें। रेगुलर करने पर इससे झुर्रियां खत्म हो जाएंगी। 

2> इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाते हैं और त्वचा में चमक लाते हैं। ये एंटी-एजिंग क्रीम से ज्यादा असरदार होते हैं। 

3> केले के छिलके से सफेद रेशे के निकालकर अलोयवेरा जेल में मिलाएं और आंखों के आसपास लगाएं। ऐसा करने से डार्क सर्कल्स कम होंगे। 

4> छिलके का एक छोटा टुकड़ा काट लें और इसे एक्ने प्रोन स्किन पर धीरे-धीरे रगड़ें। 10 मिनट तक ऐसा करें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। 

5> केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं और नए नहीं निकलते। इसके लिए छिलके की भीतरी परत को त्वचा पर मलें।


Tuesday, 29 August 2017

Mitti Ki Handi Se Khana Bane Laziz मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे

मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे





  • खाने से हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें।
  • कूकर की भाप से भोजन पकता नहीं बल्कि उबलता है।
  • मिट्टी के बर्तनों में पके खाने में 100 प्रतिशत पोषक तत्‍व रहते है।



आज के समय में आप जो खा रहे हैं वह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है और ना ही हरी सब्जियों की कोई गारंटी। मतलब साफ है कि साइंस के इस युग में किसी के स्वास्थ का कोई मोल नहीं है। जबकि हम लोग खाना इसलिए खाते हैं ताकी हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें। हालांकि हमारे आहार में मिनरल्‍स, विटामिन्‍स और प्रोटीन मौजूद होते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि गुणों बढ़ाने या घटाने में पकाने वाले बर्तन का विशेष स्‍थान होता है। शायद आपको यह बात थोड़ी अजीब से लग रही होगी, लेकिन यह सच है।

प्राचीन काल से ही मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की प्रथा रही है। आज भले ही साइंस ने कितनी भी तरक्की क्यों न कर ली हो, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो आज भी मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर की तुलना में कई गुना ज्यादा लाभकारी सिद्ध होता है। मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से हर बीमारी को शरीर से दूर रखा जा सकता है। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान ने भी माना है।



क्‍यों फायदेमंद है मिट्टी की हांडी में खाना पकाना

आयुर्वेद के अुनसार खाना पकाते समय उसे हवा का स्पर्श मिलना बहुत जरूरी होता है। लेकिन प्रेशर कूकर के भाप से भोजन पकता नहीं है बल्कि उबलता है। भोजन धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। इससे भोजन पौष्टिक के साथ स्वादिष्ट भी बनता है। साथ ही भोजन में मौजूद सभी प्रोटीन शरीर को खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं। मिट्टी के बर्तनों में खाना थोड़ा धीमा बनता है पर सेहत को पूरा फायदा मिलता है। और जो खाना जल्दी पकता है वो खतरनाक भी होता है।

इंसान के शरीर को रोज 18 प्रकार के सूक्षम पोषक तत्व मिलने चाहिए। जो केवल मिट्टी से ही आते हैं। कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सल्‍फर, आयरन, सिलिकॉन, कोबाल्ट, जिप्सम आदि। मिट्टी के इन्ही गुणों और पवित्रता के कारण हमारे यहां आज भी कर्इ मंदिरों में मिट्टी के बर्तनों में प्रसाद बनता है। लेकिन प्रेशर कुकर एल्यूमीनियम का होता है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। जिससे टी.बी, डायबिटीज, अस्थमा और पेरेलिसिस हो सकता है। इसलिए प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक है। आइये जानें मिट्टी के बर्तनों में खाना क्‍यों पकाना चाहिए।





स्‍वादिष्‍ट बनता है भोजन

हालांकि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने में थोड़ा समय ज्‍यादा लगता है लेकिन स्वाद के मामले में मिट्टी के बर्तनों में पके भोजन का कोई जवाब नहीं। प्रेशर कुकर में बनाए भोजन की तुलना में मिट्टी के बर्तनों में पकाया भोजन काफी ज्यादा स्वादिष्ट होता हैं। अगर आपको खाने में सौंधी-सौंधी खुशबू पसंद है, तो मिट्टी के बर्तन में पका हुआ खाना आपको एक अलग स्वाद का अनुभव कराएगा।

माइक्रो न्यूट्रीएंट्स कम नहीं होते 

क्‍या आप जानते हैं कि स्‍वादिष्‍ट बनने के साथ मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल में माइक्रो न्यूट्रीएंट्स 100 प्रतिशत रहते है जबकि, प्रेशर कुकर में पकाई दाल में 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पीतल के बर्तन में बनाने से केवल 7 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं। कांसे के बर्तन में बनाने से केवल 3 प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।




खाना खराब नहीं होता

मिट्टी के बर्तन में पके भोजन जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही मिट्टी के बर्तन में पकाए भोजन आपके पोषक तत्वों को कम नहीं होने देते।

दूध और दूध से बने प्रोडक्‍ट के लिए सबसे उपयुक्त

आपने बंगालियों की सबसे पसंदीदा चीज यानी मिष्टी दोई या दही तो जरूर खाया होगा। अगर आपको भी यह पसंद है तो इसे खाने के लिए आपको बंगाल जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर पर मिट्टी की हांडी में इसे बना सकते हैं। इसी तरह आप इसमें नॉर्मल दही भी जमा सकते हैं। अगर आप इसमें गर्म दूध डालकर पिएंगे तो आपको दूध बहुत ही स्वादिष्ट लगेगा और आप हमेशा ऐसे ही दूध पीना चाहेंगे क्योंकि मिट्टी की खुशबू दूध के स्वाद को दोगुना कर देगी।

इस तरह मिट्टी की हांडी में खाना पकाना कितना लाभदायक होता है आप जान चुके हैं। इसलिए हम आपसे यही कहेंगे कि जहां तक हो सके कुकर की तुलना में मिट्टी की हांडी में खाना पकाना ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि इसमें आपका भोजन स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर रहता है! समय थोड़ा ज्यादा तो जरूर लगेगा, लेकिन इसमें पकाए गए भोजन के स्वाद और गुणवत्ता की पूरी गारंटी है। हालांकि बहुत ही कम लोग इस बात को मानेगें लेकिन ये बात सच है कि अगर आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करें।

Saturday, 19 August 2017

Adarak Ke Benefits कई बीमारियों की दवा है अदरक

कई बीमारियों की दवा है अदरक



  • आयरन, कैल्शियम, क्लो‍रीन व विटामिन से भरपूर।
  • अदरक का रस पीने से दिल सम्बंधित बीमारियां नहीं होतीं।
  • कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल कर रक्‍त-संचार को ठीक रखता है।
  • पेट में दद्र, सर्दी-जुकाम, उल्‍टी, खांसी, अपच में फायदेमंद।



अदरक को आयुर्वेदिक महा-औषधि के रूप में जाना जाता है। कई वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि भी करते हैं। अदरक में शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ताजा अदरक में 81% पानी, 2.5% प्रोटीन, 1% वसा, 2.5% रेशे और 13% कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इस लेख को पढ़ कर जाने अदरक के फायदों के बारे में।

अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लो‍रीन व विटामिन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अदरक को ताजा और सूखा दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। अदरक एक मजबूत एंटीवायरल भी है। आइए हम आपको अदरक के फायदे के बारे में बताते हैं।

अदरक खाने के फायदे

त्वचा के लिए

अदरक का सेवन करने से त्वचा आकर्षित और चमकदार होती है। सुबह-सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अदरक का टुकडा खाइए। इससे आपकी त्वचा में निखार आएगा और आप जवां दिखेंगे।

खांसी के लिए

खांसी में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। खांसी आने पर अदरक के छोटे टुकडे को बराबर मात्रा में शहद के साथ गर्म करके दिन में दो बार सेवन कीजिए। इससे खांसी आना बंद हो जाएगा और गले की खराश भी समाप्त होगी।

भूख की कमी के लिए

अगर भूख लगने में दिक्कत हो रही हो तो अदरक का नियमित सेवन करने से भूख न लगने की समस्या का निजात मिल जाएगा। अदरक को बारीक काटकर, थोडा सा नमक लगाकर दिन में एक बार लगातार आठ दिन तक खाइए। इससे पेट साफ होगा और ज्यादा भूख लगेगी।

हाजमे के लिए

पेट और कब्ज की समस्या के लिए अदरक बहुत फायदेमंद है। अदरक को अजवाइन और नींबू के रस के साथ थोडा सा नमक मिलाकर खाइए। इससे पेट का दर्द ठीक होगा और खट्टी-मीठी डकार आना बंद हो जाएगी।

उल्टी के लिए

अगर बार-बार उल्टी आ रही हो तो अदरक को प्याज के रस के साथ दो चम्मच पिला दीजिए। इससे उल्टी आना बंद हो जाएगी।

सर्दी और जुकाम

सर्दी और जुकाम में अदरक बहुत फायदेमंद है। सर्दी होने पर अदरक की चाय पीने से फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद में मिलाकर गर्म करके पीने से फायदा होता है।

कैंसर के लिए

अदरक में कोलेस्ट्राल का स्तर कम करने, खून का थक्का जमने से रोकने, एंटी फंगल और कैंसर के प्रति प्रतिरोधी होने के गुण भी पाए जाते हैं।

अन्य बीमारियां

अदरक को दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। अदरक का सेवन करने से गठिया, अर्थराइटिस, साइटिका, गर्दन और रीढ की हड्डियों के रोग (सर्वाइकल स्पांसडिलाइटिस) के इलाज में किया जा सकता है। अदरक महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में भी मददगार होता है।


अदरक के अन्य फायदे

अदरक खाने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।
अदरक का कोलेस्ट्रोल को भी कंट्रोल करता है जिसके कारण ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है।
अदरक का प्रयोग करने से शरीर में खून के थक्के नहीं जमते।
अदरक का रस और पानी बराबर मात्रा में पीने से दिल सम्बंधित बीमारियां नहीं होतीं।

अदरक की तासीर गर्म होती है। गर्मी के मौसम में अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए और यदि आवश्यकता हो तो कम से कम मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

Sunday, 13 August 2017

Gathiya Se Chutkara गठिया से छुटकारा दिलाने में मददगार है खाने की ये 1 चीज


गठिया से छुटकारा दिलाने में मददगार है खाने की ये 1 चीज






  • जोड़ों के दर्द के लिए खाएं ये 1 चीज
  • टमाटर खाएं गठिया की समस्या से छुटकारा पाएं
  • विटामिन-सी से भरपूर है टमाटर



भारतीय व्यंजन बिना टमाटर के बने तो स्वाद में अजीब से लगते हैं। टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जो शायद हर सब्जी और दाल में डाली जाती है। टमाटर वैसे तो हमारे स्वास्थ्य के लिए एक रामबाण साबित है, लेकिन आपको बता दें कि अगर आप अपनी डाइट में टमाटर कगा सेवन रोज करते हैं, तो इससे गठिया की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है।


टमाटर का प्रयोग आप सब्जी और दाल के अलावा सलाद, सूप व चटनी बनाने के रूप में भी कर सकते हैं। टमाटर में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, लाइकोपीन, पोटैशियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले कुछ महत्वपूर्ण तत्व भी होते हैं। जिन लोगों को वजन कम करना होता है, वे अपनी डाइट में टमाटर का सेवन भरपूर मात्रा में कर सकते हैं। टमाटर की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि टमाटर को अगर आप आंच पर पकाते हैं, तब भी उसके पोषक तत्व बने रहते हैं।



टमाटर खाएं गठिया की समस्या को दूर भगाएं
वैसे तो आप टमाटर का इस्तेमाल कई बीमारियों की रोकथाम के लिए कर सकते हैं, लेकिन सबसे अच्छा ये गठिया की समस्या के लिए माना जाता है। सुबह-सुबह बिना पानी पिए अगर आप पका हुआ टमाटर खाते हैं, तो उससे भी आपको कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिल सकते हैं। अगर आपके बच्चे को किसी तरह का सूखा रोग है, तो उसे रोज एक गिलास टमाटर का जूस पिलाएं।

हीं, अगर किसी व्यक्ति को गठिया के रोग की समस्या है, तो उसके लिए भी टमाटर काफी फायदेमंद माना जाता है। रोज टमाटर के जूस में अजवायन मिलाकर खाने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है। अगर आपको भी गठिया जैसे रोग की समस्या है, तो आप भी टमाटर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे आपको एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी है। टमाटर हालांकि आपको किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान नहीं देगा, इसलिए टमाटर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

Running Se Bhi Haddiya Majbut Hoti Hai केवल व्यायाम ही नहीं दौड़ने से भी मजबूत होती हैं हड्डियां

केवल व्यायाम ही नहीं दौड़ने से भी मजबूत होती हैं हड्डियां



1- थकान कम होती है

खिलाड़ियों के कमरे में अगर पुदीने की खुशबू फैला दी जाए, तो उनकी थकान कम हो जाती है, दिमाग फ्रेश फील करता है, स्ट्रेस कम होता है और परफॉर्मेंस तेज़ होती है। नर्वस डिसऑर्डर के ट्रीटमेंट में भी पेपरमिंट कारगर है।
2- फोकस और एकाग्रता में वृद्धि

एक स्टडी के मुताबिक कुछ लोगों पर जब पुदीने की महक का टेस्ट किया गया, तो इसके बाद पार्टिसिपेंट्स की परफॉर्मेंस पहले से बहुत अच्छी हो गई, वो ज़्यादा तेज़ भागने लगे, ज़्यादा-से-ज़्यादा पुश-अप्स करने लगे और फिजिकल स्ट्रेंथ में भी बढ़ोत्तरी हुई।


3- मांसपेशियों में दर्द और गठिया दर्द से राहत

पेपरमिंट ऑयल से दर्द में आराम मिलता है। इसकी कुछ बूंदे बाथ टब में डालने से, पार्टिसिपेंट्स को सिरदर्द से राहत मिली और मांसपेशियों का दर्द भी कम हुआ।


4- रेस्पेरेटरी फंक्शन में सुधार

वैज्ञानिकों ने जब एथलीट्स की पानी की बोतल में एक बूंद पुदीने के तेल की डाली, तो इसका रिज़ल्ट देखने लायक था। इससे उनकी रेस्पेरेटरी प्रॉब्लम्स कम हुईं। कई पार्टिसिपेंट्स की छाती पर जब पेपरमिंट ऑयल लगाया गया, तो इसकी खुशबू से उनकी सांस से जुड़ी दिक्कतें भी कम होने लगीं।

Height Increase Karne Ke Nuskhe

https://youtu.be/W1VEOlxTruI