Google+ Followers

Monday, 11 July 2016

वरना यहां तो हर रिश्ता, मेरी रूह का कातिल है!!

आज फिर ए तन्हाई लग जा गले,
के तुझसे लिपट के रोने का बहुत दिल है,
एक तू ही तो है हमसाया जिंदगी का मेरी..
वरना यहां तो हर रिश्ता, मेरी रूह का कातिल है!!
Post a Comment