Google+ Followers

Monday, 4 July 2016

Sare Hath Jal Gye

तेरी यादं का चंदन जब से मला हे तन पे
मेरी आस्तीन मे कितने साप पल गये
तुझे नज़र भर के देखना मेरा गुनहां था
इश्क की आँच से मेरे सारे हाथ जल गये
Post a Comment