Wednesday, 20 September 2017

KELE KE CHILKE KE BENEFITS इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा

इन 5 तरीकों से केले के छिलके से पाएं निखरी त्‍वचा




  • छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें
  • इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं
  • केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं





ब्रेकफास्ट टेबल पर केले लगभग हर घर की तस्वीर हैं। केले खाने के बाद क्या आप भी इसका छिलका डस्टबिन में डाल देते हैं? तो अगली बार ये करने से पहले ये जान लें कि स्किन के लिए ये उतने ही फायदेमंद हैं, जितना कि कोई भी अच्छा फेशियल। हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं कुछ टिप्स, जिन्हें आजमाकर स्किन में ग्लो आएगा और साथ ही कई तरह की स्किन प्रॉबलम्स से भी निजात मिलेगी। 


1> छिलके के भीतरी हिस्से को चेहरे और गर्दन पर रगड़ें और लगभग आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें। रेगुलर करने पर इससे झुर्रियां खत्म हो जाएंगी। 

2> इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाते हैं और त्वचा में चमक लाते हैं। ये एंटी-एजिंग क्रीम से ज्यादा असरदार होते हैं। 

3> केले के छिलके से सफेद रेशे के निकालकर अलोयवेरा जेल में मिलाएं और आंखों के आसपास लगाएं। ऐसा करने से डार्क सर्कल्स कम होंगे। 

4> छिलके का एक छोटा टुकड़ा काट लें और इसे एक्ने प्रोन स्किन पर धीरे-धीरे रगड़ें। 10 मिनट तक ऐसा करें और फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। 

5> केले के छिलके को मस्से पर लगाने से मस्से दब जाते हैं और नए नहीं निकलते। इसके लिए छिलके की भीतरी परत को त्वचा पर मलें।


Tuesday, 29 August 2017

Mitti Ki Handi Se Khana Bane Laziz मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे

मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर से बेहतर, जानें कैसे





  • खाने से हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें।
  • कूकर की भाप से भोजन पकता नहीं बल्कि उबलता है।
  • मिट्टी के बर्तनों में पके खाने में 100 प्रतिशत पोषक तत्‍व रहते है।



आज के समय में आप जो खा रहे हैं वह आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है और ना ही हरी सब्जियों की कोई गारंटी। मतलब साफ है कि साइंस के इस युग में किसी के स्वास्थ का कोई मोल नहीं है। जबकि हम लोग खाना इसलिए खाते हैं ताकी हमारे शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व मिल सकें। हालांकि हमारे आहार में मिनरल्‍स, विटामिन्‍स और प्रोटीन मौजूद होते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि गुणों बढ़ाने या घटाने में पकाने वाले बर्तन का विशेष स्‍थान होता है। शायद आपको यह बात थोड़ी अजीब से लग रही होगी, लेकिन यह सच है।

प्राचीन काल से ही मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की प्रथा रही है। आज भले ही साइंस ने कितनी भी तरक्की क्यों न कर ली हो, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से देखा जाए तो आज भी मिट्टी की हांडी में खाना पकाना प्रेशर कुकर की तुलना में कई गुना ज्यादा लाभकारी सिद्ध होता है। मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने से हर बीमारी को शरीर से दूर रखा जा सकता है। इस बात को अब आधुनिक विज्ञान ने भी माना है।



क्‍यों फायदेमंद है मिट्टी की हांडी में खाना पकाना

आयुर्वेद के अुनसार खाना पकाते समय उसे हवा का स्पर्श मिलना बहुत जरूरी होता है। लेकिन प्रेशर कूकर के भाप से भोजन पकता नहीं है बल्कि उबलता है। भोजन धीरे-धीरे ही पकना चाहिए। इससे भोजन पौष्टिक के साथ स्वादिष्ट भी बनता है। साथ ही भोजन में मौजूद सभी प्रोटीन शरीर को खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रखते हैं। मिट्टी के बर्तनों में खाना थोड़ा धीमा बनता है पर सेहत को पूरा फायदा मिलता है। और जो खाना जल्दी पकता है वो खतरनाक भी होता है।

इंसान के शरीर को रोज 18 प्रकार के सूक्षम पोषक तत्व मिलने चाहिए। जो केवल मिट्टी से ही आते हैं। कैल्शियम, मैग्‍नीशियम, सल्‍फर, आयरन, सिलिकॉन, कोबाल्ट, जिप्सम आदि। मिट्टी के इन्ही गुणों और पवित्रता के कारण हमारे यहां आज भी कर्इ मंदिरों में मिट्टी के बर्तनों में प्रसाद बनता है। लेकिन प्रेशर कुकर एल्यूमीनियम का होता है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। जिससे टी.बी, डायबिटीज, अस्थमा और पेरेलिसिस हो सकता है। इसलिए प्रेशर कुकर का ज्यादा इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक है। आइये जानें मिट्टी के बर्तनों में खाना क्‍यों पकाना चाहिए।





स्‍वादिष्‍ट बनता है भोजन

हालांकि मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने में थोड़ा समय ज्‍यादा लगता है लेकिन स्वाद के मामले में मिट्टी के बर्तनों में पके भोजन का कोई जवाब नहीं। प्रेशर कुकर में बनाए भोजन की तुलना में मिट्टी के बर्तनों में पकाया भोजन काफी ज्यादा स्वादिष्ट होता हैं। अगर आपको खाने में सौंधी-सौंधी खुशबू पसंद है, तो मिट्टी के बर्तन में पका हुआ खाना आपको एक अलग स्वाद का अनुभव कराएगा।

माइक्रो न्यूट्रीएंट्स कम नहीं होते 

क्‍या आप जानते हैं कि स्‍वादिष्‍ट बनने के साथ मिट्टी के बर्तनों में पकी दाल में माइक्रो न्यूट्रीएंट्स 100 प्रतिशत रहते है जबकि, प्रेशर कुकर में पकाई दाल में 87 प्रतिशत पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। पीतल के बर्तन में बनाने से केवल 7 प्रतिशत पोषक तत्व नष्ट होते हैं। कांसे के बर्तन में बनाने से केवल 3 प्रतिशत ही पोषक तत्व नष्ट होते हैं।




खाना खराब नहीं होता

मिट्टी के बर्तन में पके भोजन जल्दी खराब नहीं होते। साथ ही मिट्टी के बर्तन में पकाए भोजन आपके पोषक तत्वों को कम नहीं होने देते।

दूध और दूध से बने प्रोडक्‍ट के लिए सबसे उपयुक्त

आपने बंगालियों की सबसे पसंदीदा चीज यानी मिष्टी दोई या दही तो जरूर खाया होगा। अगर आपको भी यह पसंद है तो इसे खाने के लिए आपको बंगाल जाने की जरूरत नहीं है। आप अपने घर पर मिट्टी की हांडी में इसे बना सकते हैं। इसी तरह आप इसमें नॉर्मल दही भी जमा सकते हैं। अगर आप इसमें गर्म दूध डालकर पिएंगे तो आपको दूध बहुत ही स्वादिष्ट लगेगा और आप हमेशा ऐसे ही दूध पीना चाहेंगे क्योंकि मिट्टी की खुशबू दूध के स्वाद को दोगुना कर देगी।

इस तरह मिट्टी की हांडी में खाना पकाना कितना लाभदायक होता है आप जान चुके हैं। इसलिए हम आपसे यही कहेंगे कि जहां तक हो सके कुकर की तुलना में मिट्टी की हांडी में खाना पकाना ज्यादा अच्छा होगा क्योंकि इसमें आपका भोजन स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर रहता है! समय थोड़ा ज्यादा तो जरूर लगेगा, लेकिन इसमें पकाए गए भोजन के स्वाद और गुणवत्ता की पूरी गारंटी है। हालांकि बहुत ही कम लोग इस बात को मानेगें लेकिन ये बात सच है कि अगर आप स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करें।

Saturday, 19 August 2017

Adarak Ke Benefits कई बीमारियों की दवा है अदरक

कई बीमारियों की दवा है अदरक



  • आयरन, कैल्शियम, क्लो‍रीन व विटामिन से भरपूर।
  • अदरक का रस पीने से दिल सम्बंधित बीमारियां नहीं होतीं।
  • कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल कर रक्‍त-संचार को ठीक रखता है।
  • पेट में दद्र, सर्दी-जुकाम, उल्‍टी, खांसी, अपच में फायदेमंद।



अदरक को आयुर्वेदिक महा-औषधि के रूप में जाना जाता है। कई वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि भी करते हैं। अदरक में शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ताजा अदरक में 81% पानी, 2.5% प्रोटीन, 1% वसा, 2.5% रेशे और 13% कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इस लेख को पढ़ कर जाने अदरक के फायदों के बारे में।

अदरक में आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, क्लो‍रीन व विटामिन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। अदरक को ताजा और सूखा दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है। अदरक एक मजबूत एंटीवायरल भी है। आइए हम आपको अदरक के फायदे के बारे में बताते हैं।

अदरक खाने के फायदे

त्वचा के लिए

अदरक का सेवन करने से त्वचा आकर्षित और चमकदार होती है। सुबह-सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ अदरक का टुकडा खाइए। इससे आपकी त्वचा में निखार आएगा और आप जवां दिखेंगे।

खांसी के लिए

खांसी में अदरक बहुत फायदेमंद होता है। खांसी आने पर अदरक के छोटे टुकडे को बराबर मात्रा में शहद के साथ गर्म करके दिन में दो बार सेवन कीजिए। इससे खांसी आना बंद हो जाएगा और गले की खराश भी समाप्त होगी।

भूख की कमी के लिए

अगर भूख लगने में दिक्कत हो रही हो तो अदरक का नियमित सेवन करने से भूख न लगने की समस्या का निजात मिल जाएगा। अदरक को बारीक काटकर, थोडा सा नमक लगाकर दिन में एक बार लगातार आठ दिन तक खाइए। इससे पेट साफ होगा और ज्यादा भूख लगेगी।

हाजमे के लिए

पेट और कब्ज की समस्या के लिए अदरक बहुत फायदेमंद है। अदरक को अजवाइन और नींबू के रस के साथ थोडा सा नमक मिलाकर खाइए। इससे पेट का दर्द ठीक होगा और खट्टी-मीठी डकार आना बंद हो जाएगी।

उल्टी के लिए

अगर बार-बार उल्टी आ रही हो तो अदरक को प्याज के रस के साथ दो चम्मच पिला दीजिए। इससे उल्टी आना बंद हो जाएगी।

सर्दी और जुकाम

सर्दी और जुकाम में अदरक बहुत फायदेमंद है। सर्दी होने पर अदरक की चाय पीने से फायदा होता है। इसके अलावा अदरक के रस को शहद में मिलाकर गर्म करके पीने से फायदा होता है।

कैंसर के लिए

अदरक में कोलेस्ट्राल का स्तर कम करने, खून का थक्का जमने से रोकने, एंटी फंगल और कैंसर के प्रति प्रतिरोधी होने के गुण भी पाए जाते हैं।

अन्य बीमारियां

अदरक को दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। अदरक का सेवन करने से गठिया, अर्थराइटिस, साइटिका, गर्दन और रीढ की हड्डियों के रोग (सर्वाइकल स्पांसडिलाइटिस) के इलाज में किया जा सकता है। अदरक महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में भी मददगार होता है।


अदरक के अन्य फायदे

अदरक खाने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।
अदरक का कोलेस्ट्रोल को भी कंट्रोल करता है जिसके कारण ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है।
अदरक का प्रयोग करने से शरीर में खून के थक्के नहीं जमते।
अदरक का रस और पानी बराबर मात्रा में पीने से दिल सम्बंधित बीमारियां नहीं होतीं।

अदरक की तासीर गर्म होती है। गर्मी के मौसम में अदरक का सेवन नहीं करना चाहिए और यदि आवश्यकता हो तो कम से कम मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

Sunday, 13 August 2017

Gathiya Se Chutkara गठिया से छुटकारा दिलाने में मददगार है खाने की ये 1 चीज


गठिया से छुटकारा दिलाने में मददगार है खाने की ये 1 चीज






  • जोड़ों के दर्द के लिए खाएं ये 1 चीज
  • टमाटर खाएं गठिया की समस्या से छुटकारा पाएं
  • विटामिन-सी से भरपूर है टमाटर



भारतीय व्यंजन बिना टमाटर के बने तो स्वाद में अजीब से लगते हैं। टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जो शायद हर सब्जी और दाल में डाली जाती है। टमाटर वैसे तो हमारे स्वास्थ्य के लिए एक रामबाण साबित है, लेकिन आपको बता दें कि अगर आप अपनी डाइट में टमाटर कगा सेवन रोज करते हैं, तो इससे गठिया की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है।


टमाटर का प्रयोग आप सब्जी और दाल के अलावा सलाद, सूप व चटनी बनाने के रूप में भी कर सकते हैं। टमाटर में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, लाइकोपीन, पोटैशियम पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले कुछ महत्वपूर्ण तत्व भी होते हैं। जिन लोगों को वजन कम करना होता है, वे अपनी डाइट में टमाटर का सेवन भरपूर मात्रा में कर सकते हैं। टमाटर की सबसे बड़ी खासियत ये होती है कि टमाटर को अगर आप आंच पर पकाते हैं, तब भी उसके पोषक तत्व बने रहते हैं।



टमाटर खाएं गठिया की समस्या को दूर भगाएं
वैसे तो आप टमाटर का इस्तेमाल कई बीमारियों की रोकथाम के लिए कर सकते हैं, लेकिन सबसे अच्छा ये गठिया की समस्या के लिए माना जाता है। सुबह-सुबह बिना पानी पिए अगर आप पका हुआ टमाटर खाते हैं, तो उससे भी आपको कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे मिल सकते हैं। अगर आपके बच्चे को किसी तरह का सूखा रोग है, तो उसे रोज एक गिलास टमाटर का जूस पिलाएं।

हीं, अगर किसी व्यक्ति को गठिया के रोग की समस्या है, तो उसके लिए भी टमाटर काफी फायदेमंद माना जाता है। रोज टमाटर के जूस में अजवायन मिलाकर खाने से गठिया के दर्द में आराम मिलता है। अगर आपको भी गठिया जैसे रोग की समस्या है, तो आप भी टमाटर का सेवन कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे आपको एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी है। टमाटर हालांकि आपको किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान नहीं देगा, इसलिए टमाटर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।

Running Se Bhi Haddiya Majbut Hoti Hai केवल व्यायाम ही नहीं दौड़ने से भी मजबूत होती हैं हड्डियां

केवल व्यायाम ही नहीं दौड़ने से भी मजबूत होती हैं हड्डियां



1- थकान कम होती है

खिलाड़ियों के कमरे में अगर पुदीने की खुशबू फैला दी जाए, तो उनकी थकान कम हो जाती है, दिमाग फ्रेश फील करता है, स्ट्रेस कम होता है और परफॉर्मेंस तेज़ होती है। नर्वस डिसऑर्डर के ट्रीटमेंट में भी पेपरमिंट कारगर है।
2- फोकस और एकाग्रता में वृद्धि

एक स्टडी के मुताबिक कुछ लोगों पर जब पुदीने की महक का टेस्ट किया गया, तो इसके बाद पार्टिसिपेंट्स की परफॉर्मेंस पहले से बहुत अच्छी हो गई, वो ज़्यादा तेज़ भागने लगे, ज़्यादा-से-ज़्यादा पुश-अप्स करने लगे और फिजिकल स्ट्रेंथ में भी बढ़ोत्तरी हुई।


3- मांसपेशियों में दर्द और गठिया दर्द से राहत

पेपरमिंट ऑयल से दर्द में आराम मिलता है। इसकी कुछ बूंदे बाथ टब में डालने से, पार्टिसिपेंट्स को सिरदर्द से राहत मिली और मांसपेशियों का दर्द भी कम हुआ।


4- रेस्पेरेटरी फंक्शन में सुधार

वैज्ञानिकों ने जब एथलीट्स की पानी की बोतल में एक बूंद पुदीने के तेल की डाली, तो इसका रिज़ल्ट देखने लायक था। इससे उनकी रेस्पेरेटरी प्रॉब्लम्स कम हुईं। कई पार्टिसिपेंट्स की छाती पर जब पेपरमिंट ऑयल लगाया गया, तो इसकी खुशबू से उनकी सांस से जुड़ी दिक्कतें भी कम होने लगीं।

Saturday, 12 August 2017

Pudine Ke Patte Ke Fayide पुदीने से तेज़ होती है खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस, ये हैं इसके कई फायदे


पुदीने से तेज़ होती है खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस, ये हैं इसके कई फायदे






  • पेपरमिंट ऑयल से दूर होती है खिलाड़ियों की थकान
  • मांसपेशियों के दर्द का इलाज छिपा है पुदीने में
  • मेमोरी तेज़ करने में कारगर है पेपरमिंट





पेपरमिंट यानी पुदीना के बिना रसोई अधूरी है। इससे न सिर्फ सब्ज़ी का ज़ायका बदल जाता है, बल्कि इसकी महक भी सब्ज़ियों में जान डाल देती है। बदहज़मी, उल्टी जैसा लगना, मुंह से दुर्गंध आना, पेट में गैस, रूखे बाल आदि जैसी समस्याओं को दूर करने में पेपरमिंट कारगर है। रिसर्च के मुताबिक पुदीना एथलेटिक्स की परफॉर्मेंस भी इम्प्रूव कर सकता है। स्ट्रेस के दौरान पुदीने की महक काफी लाभदायक होती है। इससे सांस लेने में आसानी होती है और मेंटल परफॉर्मेंस भी बढ़ती है। खिलाड़ी पहले से ज़्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं। खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर पेपरमिंट के फायदे जानने के लिए कई स्टडीज़ और रिसर्च हुई हैं। आखिर, इनका रिज़ल्ट क्या आया है, इन 4 फायदों से जानें।





Friday, 11 August 2017

Jal Jeera Benefits जल जीरा पीने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

जल जीरा पीने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ



● जल जीरा एक बड़ा ही चटपटा और स्‍वादिष्‍ट पेय पदार्थ है, जो गर्मियों में पिया जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि प्‍यास बुझाने वाला और स्‍वाद के लिये पिया जाने वाला जल जीरा स्‍वास्‍थ्‍य के लिये कितना फायदेमंद होता है। जल जीरा वजन कम, पेट ठीक रखने और शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के काम आता है।
● गर्मियों में जब तापमान बढ़ जाता है तब जल जीरा जरुर पीना चाहिये क्‍योंकि यह शरीर की गर्मी को कम करता है तथा पाचन तंत्र को दुरुस्‍त रखता है। देसी ठंडा जो भगाए गर्मी और बनाए स्‍वस्‍थ इसी बात पर आइये जानते हैं गर्मियों में जल जीरा पीने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ...



1) जल जीरा घटाए वजन :-
इसे दिन में दो बार पियें। इसे पीने से भूख कम लगती है जिससे आप अति से ज्‍यादा भोजन खाने से बच जाएंगे।
2) एसिडिटी दूर करे :-
अगर आपको एसिडिटी की समस्‍या है तो जलजीरा को धीरे धीरे पियें, जब तक कि एसिडिटी कम ना हो जाए।
3) कब्‍ज दूर करे :-
यह कब्‍ज की समस्‍या को दूर करता है। इसे दिन में दो बार पियें।
4) गैस दूर करे :-
इसे पीने से गैस दूर होती है। इसे तब तक धीरे धीरे पियें जब तक कि पेट की गैस पूरी तरह ना निकल जाए।
5) मतली रोके :-
यह उन गर्भवती महिलाओं के लिये अच्‍छा है, जिन्‍हें सुबह के समय उल्‍टी महसूस होती है। उन्‍हें इसका सेवन जरुर करना चाहिये।
6) पानी की कमी ना होने दे :-
यह शरीर में गर्मियों के मौसम में पानी की कमी नहीं होने देता।
7) मासिक धर्म के दर्द को रोके :-

लड़कियों में मासिक धर्म के समय तेज दर्द को होने से यह रोकता है। इसे दिन में कई बार पीने से पीड़ा से आराम मिलता है।

Khane Pine Ke Niyam खान पान के यह नियम आपको रखेगे सदा तंदरुस्त


खान पान के यह नियम आपको रखेगे सदा तंदरुस्त




सुबह उठते ही सबसे पहले हल्का गर्म पानी पिये !!
2 से 3 गिलास जरूर पिये !पानी हमेशा बैठ कर पिये !पानी हमेशा घूट घूट करके पिये !!<
घूट घूट कर इसलिए पीना है ! ताकि सुबह की जो मुंह की लार है इसमे ओषधिए गुण बहुत है ! ये लार पेट मे जानीचाहिए ! वो तभी संभव है जब आप पानी बिलकुल घूट घूट कर मुंह मे घूमा कर पिएंगे !

इसके बाद दूसरा काम पेट साफ करने का है ! रोज पानी पीकर सुबह शोचालय जरूर जाये !पेट का सही ढंग से साफ न होना 108 बीमारियो की जड़ है !

खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है !हमेशा डेड घंटे बाद ही पानी पीएं !इसे भी पढ़ें – पानी से जुड़ी ये BAD HABITS उसे आपके लिए बना सकती हैं जहर |The Art of Drinking Water
खाना खाने के बाद अगर कुछ पी सकते हैं उसमे दो चीजे आती हैं !!1) जूस2) छाज (लस्सी)
सुबह खाने के बाद अगर कुछ पीना है तो हमेशा जूस पिये !दोपहर को दहीं खाये ! या छाज पिये !और दूध हमेशा रात को पिये वह भी भोजन के डेड घंटे बाद!!इन तीनों के क्रम को कभी उल्टा पुलटा न करे !!


इसके इलावा खाने के तेल मे भूल कर भी refine oil का प्रयोग मत करे !(वो चाहे किसी भी कंपनी का क्यू न हो कोभी हो सकता है !अभी के अभी घर से निकाल दें ! बहुत ही घातक है !सरसों के तेल का प्रयोग करे ! या देशी गाय के दूध का शुद्ध घी खाएं ! ! (शुद्ध सरसों के तेल की पहचान है मुंह पर लगाते ही एक दम जलेगा ! और खाना बनाते समय आंखो मे हल्की जलन होगी !
चीनी का प्रयोग तुरंत बंद कर दीजिये ! गुड खाना का प्रयोग करे ! या शक्कर खाये !! चीनी बहुत बीमारियो की जड़ ! slow poison है !इसे भी पढ़ें – भोजन के बाद छह खतरनाक आदतों से बचें
खाने बनाने मे हमेशा सेंधा नमक या काला नमक का ही प्रयोग करे !! आयोडिन युक्त नमक कभी न खाएं !!

सुबह नाश्ता न कर सीधा ९ से ११ बजे तक भोजन कर लीजिये ! इस दौरान जठर अग्नि सबसे तेज होती है ! सुबह का खाना हमेशा भर पेट खाएं ! सुबह के खाने मे पेट से ज्यादा मन संतुष्टि होना जरूरी है ! इसलिए अपनी मनपसंद वस्तु सुबह खाएं !!
खाना खाने के तुरंत बाद वज्रासन में १५ मिनट बैठे या १५ मिनट के लिए बायीं लेट जाएँ ! लेकिन इससे ज्यादानहीं !

रात का खाना सोने से २-३ घण्टे पहले खा ले, रात को खाना खाने के तुरंत बाद नहीं सोना ! रात को खाना खाने के बाद बाहर सैर करने जाएँ ! कम से कम 500 कदम सैर करे!
ब्रह्मचारी है (विवाह के बंधन मे नहीं बंधे ) तो हमेशा सिर पूर्व दिशा की और करके सोएँ ! ब्रह्मचारी नहीं है तो हमेशा सिर दक्षिण की तरफ करके सोएँ ! उत्तरऔर पश्चिम की तरफ कभी सिर मत करके सोएँ !
मैदे से बनी चीजे पीज़ा ,बर्गर ,hotdog,पूलड़ोग, आदि न खाएं ! ये सब मैदे को सड़ा कर बनती है !! कब्ज का बहुत बड़ा कारण है !!


इन सब नियमो का अगर पूरी ईमानदारी से प्रयोग करेंगे ! 1 से 2 महीने मे ऐसा लगेगा पूरी जिंदगी बदल गई है ! मोटापा है तो कम हो जाएगा ! hihgh BP,cholesterol,triglycerides,सब level पर आना शुरू हो जाएगा ! HDL बढ्ने लगेगा ! LDL ,VL DL कम होने लगेगा !! और भी बहुत से बदलाव आप देखेंगे !!

Monday, 31 July 2017

PYAJ KO KATE BINA AANSU BHAYE प्याज को बिना ठंडा किए भी काट सकते हैं प्याज, नहीं निकलेंगे आंसू

प्याज को बिना ठंडा किए भी काट सकते हैं प्याज, नहीं निकलेंगे आंसू


प्याज काटने समय अगर आंसू निकलते हैं तो इस स्लाइडशो में दिए गए तरीकों को आजमाएं।





सबको मालुम है कि प्याज काटने समय आंसू निकलते हैं। प्याज काटने समय आंसू नहीं निकले इसके लिए लोग प्याज को काटने के दस से बीस मिनट पहले उसे पानी में भिगो देते हैं या फ्रिज में रख दें। इससे प्याज काटने समय आंसू नहीं निकलते... ये भी सबको मालुम है।

 लेकिन जब प्याज तुरंत काटकर सब्जी बनानी है तब क्या करें...?

Wednesday, 26 July 2017

JOINTS PAIN KE LIYE घर पर तैयार की गई ये 1 आयुर्वेदिक पट्टी खींच लेगी आपका हर तरह का जोड़ों का दर्द

घर पर तैयार की गई ये 1 आयुर्वेदिक पट्टी खींच लेगी आपका हर तरह का जोड़ों का दर्द



  • आयुर्वेदिक पट्टी है आपके हर दर्द का इलाज
  • इस पट्टी को अपनाएं जोड़ों के दर्द से मुक्ति पाएं
  • आयुर्वेद इलाज है दर्द का बेस्ट इलाज





आयुर्वेद एस ऐसा इलाज है, जो आपकी हर परेशानी और समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद करता है। हम में से कई लोग अपने घरों में आयुर्वेद को फर्स्ट एड बॉक्स मानते हैं। इसमें हर उस बीमारी को खत्म करने की शक्ति होती है, जो शायद कोई और में नहीं। बुखार हो या खांसी-जुकाम, बदन दर्द हो या पेट की कोई खराबी या फिर कोई अन्य सामान्य समस्या, आपके घर का ये केमिस्ट आपको हर दवाई मुहैया करवाता है। 

कई लोगों को एलोपैथी दवाई चुस्त-दुरुस्त कर देती है, तो कई लोग इनसे मिलने वाली सुस्ती से परेशान हो जाते हैं। कभी-कभार एलोपैथी दवाइयां अपना असर दिखाने में नाकामयाब भी रहती हैं। और बीमार व्यक्ति को और परेशान करती है। 


सिर्फ 1 बार खाएं ये आयुर्वेदिक चीजें, पेट हमेशा रहेगा दुरुस्‍त


वे लोग जिन्हें एलोपैथी ज्यादा भाती नहीं है या उन्हें राहत देने में अक्षम पड़ जाती है, ऐसे में वे आयुर्वेद के पास कुछ ऐसे नुस्खे हैं, जो आपको बहुत ही जल्द बीमारियों से छुटकारा दिलवा सकते हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनका नियमित सेवन आपको बीमार होने ही नहीं देगा। तो चलिए जानते हैं आयुर्वेद के खजाने से निकले कुछ खास नुस्खे।


जोड़ों का दर्द और तेल लगी कच्ची रोटी


आजकल की जीवनशैली में लोगों का खानपान पूरी तरह बिगड़ चुका है, जिसकी वजह से अकसर लोगों को तरह-तरह की शिकायतें रहने लगी हैं। स्ट्रेस, बाहर का अनहेल्दी खाना, जंक फूड आदि पेट की विभिन्न बीमारियों को पैदा करता है। 
लेकिन हम आपको आप आयुर्वेद के एक ऐसे नुस्खे से रू-ब-रू कराने जा रहे हैं, जिसको करने से आप अपने जोड़ों के दर्द से निजात पा सकते हैं। यह एक ऐसा घरेलू नुस्खा है, जहां, आप केवल एक ही रात में ज्वॉइंट्स पैन से छुटकारा दिलाने में कारगर है। 


ब्रेस्‍ट मिल्‍क को तुरंत बढ़ता है ये आयुर्वेदिक नुस्‍खा


रात में 1 कच्ची रोटी लें, उस पर सरसों का तेल और हींग लगा लें। इसके बाद ये रोटी की पट्टी अपने शरीर के उन हिस्सों पर रखकर बांधें, जहां आपको जोड़ों का दर्द महसूस होता है। यकीन मानिए आपका जोड़ों का दर्द केवल 1 रात में ही गायब हो जाएगा। इसके अलावा आप अगर पेपर टेप पर थोड़ी-सी साबुत मेथी दाना लगाते हैं और उसे उस जगह पर शरीर पर चिपकाते हैं जहां आपको दर्द महसूस हो रहा है, उससे भी आपको लाभ मिलेगा। 
रोटी का घरेलू नुस्खा एक ऐसा नुस्खा है, जो आपके जोड़ों के दर्द में आपको राहत दिला सकता है। अगर आपको भी घुटने में या हाथ में दर्द हो, तो आप भी यह नुस्खा अपना सकते हैं। आज भी बड़े-बूढ़ें इस नुस्खे को दर्द भगाने में इस्तेमाल करते हैं। एक बार आप भी करके देख लीजिए। 



Thursday, 20 July 2017

EK AAKHROT ROJ KHAYE AUR GUTNE DARD SE RAHAT PAYE सिर्फ 1 अखरोट खाएं, घुटने के दर्द को दूर भगाएं

सिर्फ 1 अखरोट खाएं, घुटने के दर्द को दूर भगाएं




  • अनहेल्दी फूड, एक्सरसाइज की कमी से होता है दर्द।
  • रोजमर्रा के कामों को भी आसानी से नहीं कर पाते हैं।
  • एंटीऑक्‍सीडेंट के साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर।






बहुत सारे लोगों को घुटने के दर्द की समस्‍या का सामना करना पड़ता है। बढ़ती उम्र के साथ ये समस्‍या और भी गंभीर हो जाती है। अगर आप भी इस समस्‍या से परेशान है और बहुत सारे इलाज करवाने के बावजूद आपको कोई आराम नहीं‍ मिल रहा है तो परेशान न हो, क्‍योंकि हम आपके लिए एक ऐसा नुस्‍खा लेकर आये जिसे इस्‍तेमाल करने से आपके घुटने का दर्द छूमंतर हो जाएगा।


अनहेल्दी फूड, एक्सरसाइज की कमी और बढ़ते वजन के चलते घुटनों का दर्द भारत जैसे देशों में एक बड़ी समस्या का रूप लेता जा रहा है। पहले यह समस्‍या 40-45 की उम्र में हुआ करती थी, लेकिन आज यह समस्‍या कम उम्र में भी होने लगी है। घुटनों का दर्द काफी हद तक लाइफ स्‍टाइल की देन है। भारत में यह समस्या काफी गंभीर है। घुटनों के खराबी के शिकार 25 प्रतिशत लोग अपने रोजमर्रा के कामों को भी आसानी से नहीं कर पाते हैं।    



घुटनों का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है और यह आपको चलने-फिरने में भी असमर्थ कर देता है। अधिक वजन और वृद्धावस्था के कारण घुटनों का दर्द और भी तकलीफ देह हो जाता है। यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि अखरोट जैसे घरेलू उपाय की मदद से घुटनों के दर्द की इस तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है। आइए जानें घुटने के दर्द के लिए अखरोट कैसे काम करता है। 


अखरोट के फायदों के बारे में हम सभी जानते हैं अखरोट हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। अखरोट में प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ई, बी6, कैल्शियम और मिनरल पर्याप्तं मात्रा में होते है। जो हमारी फिटनेस बरकरार रखते है और हमें कई गंभीर बीमारियों से भी बचाता है। अखरोट में एंटीऑक्‍सीडेंट के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह एक प्रकार का फैट है जो सूजन को कम करने में मदद करता है। साथ ही अर्थराइटिस के विकास के जोखिम को कम करने में मदद करता है।



अखरोट का सेवन कैसे करें
रोजाना सुबह खाली पेट एक अखरोट की गिरी अच्‍छे से चबा-चबाकर खाएं।
अगर यह उपाय रोजाना नहीं करते तो आपको कुछ फायदा नहीं मिलेगा।
रोज खाने से थोड़े ही दिनों में आपको असर दिखने लगेगा।
अगर आप भी घुटने के दर्द से परेशान हैं तो आज से ही अपनी दिनचर्या में अखरोट को शामिल करें। 

Wednesday, 19 July 2017

JUNK FOODS KE NUKSAN ये 5 फूड देते हैं गंजेपन को न्‍यौता


ये 5 फूड देते हैं गंजेपन को न्‍यौता


हमारे खान-पान के लिए तमाम चीजें बनी हैं, इनमें से कुछ फायदेमंद होती है तो वहीं कुछ के हानिकारक परिणाम मिलते हैं। कुछ फूड ऐसे होते हैं जिन्‍हें खाने का केवल स्‍वाद ही मिलता है जबकि उनमें पोषक पदार्थ काफी कम होते हैं। ऐसे फूड को ज्‍यादा खाने से ब्लड में बायोटिन की कमी होने लगती है और बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इस कारण बालों का झड़ना शुरू हो जाता है और जब बाल अधिक झड़ जाते हैं तो व्‍यक्ति गंजेपन का शिकार हो जाता है। गंजेपन से मुक्‍त रहें इसलिए हम आपको 5 ऐसे फूड के बारे में बताने जा रहें है जिनका सेवन ज्‍यादा न करें...


जंक फूड

इसमें साल्‍ट, शुगर, ऑयल और फैट की मात्रा ज्‍यादा होती ह। इनसे सिर की स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं और बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। 




फ्रेंच फाइज

इसमें ज्‍यादा मात्रा में ऑयल और ट्रांस फैट्स होते हैं जो बालों को जड़ों तक पोषक तत्‍व नही पहुंचने देते हैं, इससे बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं।







केक एंड पेस्‍ट्री

इसमें शुगर लेवल अधिक होता है, जिससे हेयर फॉल को बढ़ाने वाले एंड्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ाता है।






Monday, 17 July 2017

जरूर जानिए किन-किन आदतों से आयुष्य नष्ट होती है

जरूर जानिए किन-किन आदतों से आयुष्य नष्ट होती है




  • जो मनमाना खान पान करते हैं अपनी आयुष्य क्षीण करता है … और संयम से खान पान रखता है तो लंबी आयुष्य हो जाती है |
  • अति अभिमान
  • जो अति बोलना, चलते-चलते बोलना, व्यर्थ बोलता है उसकी बुद्धि और आयुष्य क्षीण हो जाते हैं।
  • जो क्रोधी है।



  • जो अति खाता है, रात को देरी से खाता है।
  • जो ह्रदय में किसी के लिए द्रोह ठान के रखता है, वैर ठान के रखता है वो भी अपनी आयुष्य क्षीण करता है।
  • पर जो मौन रहता है, कम बोलता है , श्वासोश्वास में भगवान का नाम स्मरण करता है वो अपना मन पवित्र करता है, बुद्धि पवित्र करता है और आयुष्य लंबी करता है।


Sunday, 16 July 2017

TAMBE KE BARTAN ME RAKHI CHEEZE HO SAKTI HAI KHATARNAK सावधान ....!तांबे के बर्तन में रखी कुछ चीजें हो सकती ~ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

सावधान ....!तांबे के बर्तन में रखी कुछ चीजें हो सकती ~ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक



यूं तो तांबे के बर्तन काफी शुभ माने जाते हैं और इसमें रखा पानी भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है!लेकिन तांबे के बर्तन में रखी कुछ चीजें जहर भी बन सकती हैं !










* यह चीजें ~ तांबे के बर्तन में रखने पर - हो सकती हैं बेहद खतरनाक !


* दही :-दही को तांबे के बर्तन में रखना और उसका सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है !इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है और कसैला स्वाद - घबराहट या जी मचलाने जैसी समस्याएं हो सकती है !

* नींबू :-नींबू का रस - नींबू पानी या फिर नींबू को किसी भी रूप में अगर तांबे के बर्तन में रखते हैं तो इसमें मौजूद एसिड तांबे के साथ क्रिया करता है - जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है !


* सिरका :-सिरका एक प्रकार का अम्लीय पदार्थ है - इसे तांबे के बर्तन में या उसके साथ रखते हैं तो उनके मेल से होने वाली रासायनिक क्रिया सेहत पर बेहद हानिकारक प्रभाव डाल सकता है !

* अचार :-अचार में भी सिरके का प्रयोग किया जाता है अत: इसका प्रयोग तांबे के बर्तन में कभी न करें ~
इसके अलावा भी अचार में मौजूद खटाई तांबे के साथ मिलकर सेहत के लिए जहर का काम करती है !


* छाछ :-छाछ का प्रयोग सेहत के लिए फायदेमंद है ~ लेकिन इसका प्रयोग कभी भी तांबे के बर्तन में न करें !

Saturday, 15 July 2017

Underarms Sweat Problem Resolution अंडर आर्म के पसीने को रोकने के लिये प्राकृतिक नुस्खे

अंडर आर्म के पसीने को रोकने के लिये प्राकृतिक नुस्खे





वैसे तो पसीना निकलना आम बात व जरूरी है लेकिन हद से ज्यादा अगर पसीना निकलता है तो आपके लिये इसे काबू करना मुश्किल हो सकता है !कुछ आसान से घरेलू उपचार अपना - बहुत हद तक अंडरऑर्म के पसीने को कंट्रोल कर सकते हैं !उदाहरण के तौर पर अगर आप सेब का सिरका नियमित रूप से लगाने लगेगें तो बगल से कम पसीना निकलेगा - यह त्वचा के रोम छिद्र को बंद कर के बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है !




* सेब का सिरका :-नहाने से पहले सेब के सिरके को अपने बगल में 30 मिनट के लिये रोजाना लगाएं - फिर हल्के साबुन से धो लें !अच्छा रिजल्ट पाने के लिये इसे रात को सोने से पहले लगा लें !

* बेकिंग सोडा :-बेकिंग सोडा और पानी मिला पेस्ट बना बगल में लगा लें और 30 मिनट के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें !कुछ दिनों तक लगाने से आपकी स्किन ड्रार्इ रहने लगेगी !

* कार्नस्टार्च :-आर्मपिट पर टैल्कम पाउडर की जगह पर कार्नस्टार्च लगाएं !यह बगल की नमी को सोख लेगा और पसीने की बदबू को दूर रखेगा !




* नींबू :-नींबू से आप कर्इ गुना बगल के पसीने को दूर रखने में कामियाब हो सकते हैं !इससे आप अपने काले पड़ चुके आर्मपिट का रंग भी निखार सकते हैं !

* हमेशा लाइट काॅटन पहने :-आप जो कपड़ा पहनते हैं - कभी कभी वह भी आपको पसीना दे सकता है !इसलिये हमेशा कोशिश करें कि लाइट फैबरिक जैसे काटन आदि ही पहने !यह नमी को तुरंत ही सोख लेता है !



* मसालेदार खाने से बचें :-अगर आपको ज्यादा पसीना आता है तो मसालेदार खाना ना खाएं !लाल मिर्च और शिमला मिर्च डाले खाने को ना खाएं !

Friday, 14 July 2017

NEEND PURI NA KARNE KARNE KA NUSKAN 6 घंटे से कम नींद कैसे आपके लिए है खतरनाक, जानें


6 घंटे से कम नींद कैसे आपके लिए है खतरनाक, जानें



  • 6 घटे से कम सोना है खतरनाक।
  • नींद पूरी करना बहुत जरूरी है। 
  • अनिद्रा की शिकायत। 









जो लोग देर रात तक जागते हैं यानी पूरी नींद नही ले पाते हैं उनके लिए बहुत ही खतरनाक खबर है। एक रिसर्च के मुताबिक, 6 घंटे से कम की नींद मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोगों में मौत के जोखिम को दोगुना कर सकती है।


दिमाग के लिए क्या है जरूरी, कॉफी या बीयर?



बता दें कि मेटाबोलिक सिंड्रोम डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापे का मिला जुला रूप है। इस रिसर्च को 'अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' मैग्जीन में पब्लिश किया गया। रिसर्च के मुताबिक, मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोग अगर 6 घंटे से अधिक की नींद लेते हैं, तो उन्हें स्ट्रोक के कारण मौत का जोखिम करीब 1.49 गुना अधिक होता है. इसके उलट 6 घंटे से कम सोने वालों को हृदय रोग से मौत का जोखिम 2.1 फीसदी अधिक होता है।



वैज्ञानिकों ने बताया कि मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित कम नींद लेने वालों को बगैर मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित लोगों की तुलना में किसी भी कारण से 1.99 फीसदी अधिक मौत का जोखिम होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया से असिस्टेंट प्रोफेसर जूलियो फर्नांडीस-मेंडोजा के मुताबिक, अगर आप हृदय रोग के जोखिम से गुजर रहे हैं तो अपनी नींद का ध्यान रखें और अगर आप नींद की कमी से ग्रस्त हैं तो इस जोखिम से बचने के लिए डॉक्टर्स से राय लें।

Thursday, 13 July 2017

AANKH FADKNE KE KARAN आंख फड़कने के लिए जिम्मेदार हैं सेहत के यह कारण

आंख फड़कने के लिए जिम्मेदार हैं ~ सेहत के यह कारण



अगर आंख फड़कने का मतलब आपको भी यही लगता है कि यह किसी शुभ या अशुभ बात की निशानी है ~ तो आप गलत हो सकते हैं !

जी हां ~ आंख फड़कने का कारण आपकी सेहत भी हो सकती है!




सेहत के यह कारण - जो आंख फड़कने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं !तो अब अगर आपकी आंख फड़क रही हो
~ तो इन कारणों पर भी एक बार जरूर विचार करें !



* आंखों की समस्या :- आंखों में मांस पेशियों से संबंधित समस्या होने पर भी आंख फड़क सकती है !अगर लंबे समय से आंख फड़क रही है - तो एक बार आंखों की जांच जरूर करवा लें !हो सकता है आपको चश्मा लगाने की जरूरत हो या आपके चश्मे का नंबर बदलने वाला हो !

* तनाव :- तनाव के कारण भी आपकी आंख फड़क सकती है !खास तौर से जब तनाव के कारण आप चैन से सो नहीं पाते और आपकी नींद पूरी नहीं होती - तब आंख फड़कने की समस्या हो सकती है !


* थकान :- अत्यधिक थकान होने पर आंखों में भी समस्याएं होती हैं !इसके अलावा आंखों में थकान या कम्यूटर - लैपटॉप पर ज्यादा देर काम करते रहने से भी यह समस्या हो सकती है - इसके लिए आंखों को आराम देना जरूरी है !

* पोषण :- शरीर में मैग्नीशियम की कमी होने पर आंख फड़कने की समस्या पैदा सकती है !इसके अलवा अत्यधिक कैफीन का शराब का सेवन भी इस समस्या को जन्म देता है !


* सूखापन :- आंखों में सूखापन होने पर भी आंख फड़कने की समस्या होती है !आंखों में एलर्जी - पानी आना - खुजली आदि समस्या होने पर भी ऐसा हो सकता है !

COCONUT OIL BENEFITS मक्खन और पशु फैट जितना ही अस्वास्थ्यकर है नारियल तेल

मक्खन और पशु फैट जितना ही अस्वास्थ्यकर है नारियल तेल



विशेषज्ञों ने कहा है कि आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाने वाला नारियल तेल उतना ही अस्वास्थ्यकर है जितना कि मक्खन और पशु वसा. पशु वसा को आम तौर पर स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता, जबकि जैतून और सूरजमुखी जैसे वनस्पति तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं.


कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि नारियल तेल अन्य संतृप्त वसा से बेहतर हो सकता है. हालांकि, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई विश्वसनीय अध्ययन नहीं है.


संतृप्त वसा की अधिकता वाला आहार खाने से रक्त में लो डेंसिटी लाइपोप्रोटीन (एलडीएल) या बुरे कॉलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है. इससे धमनियां अवरद्ध हो सकती हैं या हृदय संबंधी रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. एएचए के अनुसार नारियल तेल में वसा का 82 प्रतिशत हिस्सा संतृप्त होता है. यह मात्रा मक्खन (63 प्रतिशत), बीफ (50 प्रतिशत) और सूअर वसा (39 प्रतिशत) से अधिक है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने एक परामर्श में कहा है कि लोगों को संतृप्त वसा के सेवन की मात्रा सीमित करनी चाहिए और इसकी जगह जैतून तथा सूरजमुखी जैसे गैर संतृप्त तेल का सेवन करना चाहिए.

AANAR KI PATIYO KE FAYIDE अनार की पत्त्यिों से पाएं खूबसूरत और निखरी त्वचा

अनार की पत्त्यिों से पाएं खूबसूरत और निखरी त्वचा



अनार एक ऐसा फल है जो हमें कई तरह के लाभ पहुंचाता है।

अनार के फायदे


अनार एक ऐसा फल है जो हमें कई तरह के लाभ पहुंचाता है। स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होने के साथ ही अनार हमारी त्वचा के लिए रामबाण है। अनार के नियमित सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होने के साथ ही त्वचा संबंधित कई समस्याएं भी दूर होती हैं। अनार में पाए जाने वाले गुण त्वचा में निखार लाते हैं। इसमें ग्रीन टी और संतरे की तुलना में तीन गुना एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। जो सीधा प्रत्यक्ष तौर पर स्किन को फायदा करते हैं।




क्यों फायदेमंद है पत्तियां




एक नई रिसर्च में साफ हुआ है कि केवल अनार ही नई बल्कि उसकी पत्त्यिां से भी हमें कई तरह के फायदे मिलते हैं। अनार की पत्त्यिों का पेस्ट लगाने से त्वचा हेल्दी रहने के साथ ही तमाम तरह के रोग भी दूर होते हैं। आइए जानते हैं अनार की पत्त्यिां हमें त्वचा संबंधी किस तरह फायदे पहुंचाती हैं।





झुर्रियों को करती हैं खत्म


आजकल दूषित और अनियमित खानपान के चलते लोगों को कई तरह की त्वचा संबंधी परेशानी हो रही है। जिन लोगों को उम्र से पहले ही एंटी एजिंग की समस्या हो जाती है या फिर जो लोग झुर्रियों के चलते अपनी उम्र नहीं छिपा पाते हैं उनके लिए अनार की पत्त्यिों का पेस्ट बहुत फायदेमंद है। इसे नियमित लगाने से झुर्रियां खत्म होती हैं।



मुंहासे से दिलाता है निजात

अगर आप मुंहासों की समस्या से परेशान है तो अनार के पत्तों का पेस्ट आपके लिए बेस्ट हैं। इसके अलावा अनार के दानों को पीसकर भी मुंहासों पर लगाया जा सकता है और अनार का जूस पीकर भी मुंहासों से छुटकारा पाया जा सकता है।





कोशिकाओं को करता है दुरुस्त



अनार त्वचा की कोशिकाओं को जवान रखने में मददगार है। अनार का तेल त्वचा को पौष्टिकता प्रदान करके चेहरे पर चमक लाता है। अगर आप चाहे तो अनार के पत्तों को चबा भी सकते हैं। इससे पत्ते अंदर से कोशिकाओं को दुरुस्त करने का काम करते हैं।

Wednesday, 12 July 2017

KELE KE PED KE PHAL KE FAYIDE केले के पेड़ के फल, फूल और तने से करें हार्ट अटैक का इलाज

केले के पेड़ के फल, फूल और तने से करें हार्ट अटैक का इलाज



  • केला खाना पसंद होता है
  • केले के पेड़ को पूजते भी हैं
  • हार्ट अटैक से इस तरह करें बचाव



हम सभी को केला खाना पसंद होता है। उसमें मौजूद प्राकृतिक मिठास सभी को पसंद होती है। लेकिन हां, ये डायबिटीज़ वालों को खाने के लिए मना किया जाता है। केले के फायदों को तो आप अच्छी तरह से जानते ही हैं। ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केले का पेड़ एक ऐसा पेड़ होता है, जिसका हर हिस्सा हमारे किसी न किसी काम आ ही जाता है। कई लोग तो केले के पेड़ को पूजते भी हैं।


केले के फूल, फल और तने भी लोग खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे बनने वाली डिश बहुत ही स्वादिष्ट बनती है, जिसे लोग चाव से भी खाना पसंद करते हैं। क्या आफ जानते हैं कि दक्षिण भारत के लोग खाने में प्लेट की जगह इसे इस्तेमाल करते हैं। दक्षिण में हर घर में यहां तक की हर रेस्तरां में आपको केले के पत्तों में ही खाना खाने को मिलेगा। केले के पत्तों को सबसे शुद्ध माना जाता है। ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं।


सिर्फ 1 बार खाएं ये आयुर्वेदिक चीजें, पेट हमेशा रहेगा दुरुस्‍त

केले के पत्तों और तनों के साथ इसका फूल भी हमारी सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। एक तरह से केले के पेड़ पर मौजूद फूल, इसका दिल माना जाता है। इसमें अधिक मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन ई पाया जाता है। हमारी सेहत के लिए ये किसी अमृत से कम नहीं है। क्या आप जानते हैं कि केले के फल, फूल और तने से आप कैंसर यहां तक की दिल से संबंधित कई बीमारियां ठीक कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...
हार्ट अटैक से इस तरह करें बचाव



कैंसर और दिल से संबधी कोई भी समस्या हमारे शरीर पर उपस्थित सेलो पर फ्री रैडिकल के हमला करने से होता है। इससे रक्षा केले का फूल अच्छी तरह से कर सकता है, क्योंकि इन फूलों में एंटी-ऑक्सिडेंट नामक तत्व पाया जाता है, जो फ्री-रैडिकल्स का मुकाबला कर उन्हें, बॉडी डैमेज करने से भी बचाता है।

घर पर तैयार की गई ये 1 आयुर्वेदिक पट्टी खींच लेगी आपका हर तरह का जोड़ों का दर्द



खून की कमी को करें पूरा



केले के फूल में अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो कि हमारे शरीर में जाकर हिमाग्लोबिन की कमी को पूरा करता है, जिससे आपके शरीर पर कभी भी खून की कमी नहीं होती है।
केले के पत्ते के साथ अगर आफ इसके फूल का भी सेवन करते हैं, तो दिल से संबंधित कई बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं

Tuesday, 11 July 2017

BENEFITS OF BLACK JEERA 1 महीने में ही दिखेगा कमाल, केवल रोज खाएं 1 चम्मच काला जीरा


1 महीने में ही दिखेगा कमाल, केवल रोज खाएं 1 चम्मच काला जीरा


काला जीरा वजन कम करता है और कई सारी बीमारियों से बचाता है।
इसका सेवन गर्भवति महिलाओं और बच्चों को नहीं करना चाहिए।
इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए ज्यादा मात्रा में इसका सेवन ना करें।



जीरा ... जीरा होता है।

लेकिन एक काला जीरा भी होता है जो विशेष तौर पर कुछ विशेष दुकानवाले रखते हैं। क्योंकि कुछ लोग तो जीरा और काले जीरा में अंतर ही नहीं समझते और ये कड़वा होता है इसलिए भी कुछ दुकानदार नहीं रखते हैं। तो अगली बार आप दुकान पर जीरा खरीदने जाएं तो काला जीरा खरीदें। काला जीरा वजन कम करने में मददगार है साथ ही कई सारी बीमारियां भी ठीक करता है।

वजन कम करें


शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी इससे पहले जान के लिए खतरा पैदा करे उससे पहले इसे आप खत्म कर दें। इसके लिए कुछ नहीं करना है। केवल एक महीने तक काले जीरे का नियमित सेवन करें। काला जीरा शरीर में जमी चर्बी को गला कर अपशिष्ट पदार्थों को मल-मूत्र के जरिये शरीर से बाहर निकालता है और आपको फिट बनाता है।

इससे कोलेस्ट्रॉल भी रहेगा नियंत्रित

एक महीने तक रोजाना एक चम्मच काले जीरे का सेवन करने से शरीर में रक्त-संचार तेज होता है। जिससे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम रहेगी और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा। इससे दिल की बीमारियों का भी खतरा टल जाएगा।

तेजी से घटता वजन, है खतरे की घंटी!



पेट की बीमारियां करे दूर

पेट की बीमारियां भी इससे दूर होती है। काला जीरा पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और आपको स्वस्थ रखता है। दरअसल काले जीरे में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जिनके कारण ये पेट की बीमारियां होने नहीं देता। इस कारण ही खाना जल्दी और अच्छी तरह से पचता है जिससे कमर के आसपास एक्स्ट्रा चर्बी जमा नहीं होती। तो अगर किसी भी तरह की पाचन संबंधी गड़बड़ी, गैस्ट्रिक, पेट फूलना, पेट-दर्द, दस्त, पेट में कीड़े आदि समस्या से परेशान हैं तो खाना खाने के बाद एक चम्मच  काला जीरा खाएं। फायदा मिलेगा।



सर्दी-जुकाम में भी फायदेमंद

ये मौसम बदलने के दौरान होने वाले सर्दी-जुकाम में भी फायदेमंद है। सर्दी-खांसी, नाक बंद होना और सांस लेने में होने वाली तकलीफ के दौरान काले जीरे का सेवन करने से फायदा होता है।
इसे भी पढ़ें- ये "चमत्कारिक जूस" केवल 5 दिनों में करेगा 5 किलो तक वजन कम

इस तरह से करें सेवन



सामान्य तौर पर आप इसे सब्जी में मसाले के तौर पर इस्तेमाल कर खा सकते हैं। या फिर इसका चुर्ण बनाकर दाल में मिलाकर खा लें।

वजन कम करने के लिए ऐसे करें सेवन

10 ग्राम काला जीरा
50 ग्राम मेथी दाने
20 ग्राम अजवायन

अब इन तीनों को कम आंच में भून लें।
अब इसका चूर्ण बना कर डब्बे में रख लें।
रोज रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ खाएं।



ये सावधानियां बरतें

इस चुर्ण की तासीर गर्म होती है। इसलिए एक दिन में तीन ग्राम से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन नुकसानदेह साबित होता है।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज, गर्भवती महिलाओं और 5 साल तक के बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

KHAJUR KE FAYIDE 3 खजूर खाएं, 1 महीने में ब्‍लड प्रेशर नीचे लाएं!



3 खजूर खाएं, 1 महीने में ब्‍लड प्रेशर नीचे लाएं!




  • इसे 'साइलेंट किलर' तक कहा जाता है।
  • आप अपना ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल कर सकते हैं।
  • नियमित रूप से एक्‍सरसाइज भी करनी है।



ब्‍लड प्रेशर आधुनिक जीवनशैली की सबसे आम बीमारी है। इसे 'साइलेंट किलर' तक कहा जाता है। जब हार्ट की धमनियों में प्रेशर बढ़ जाता है तब ब्लड को ऑर्गन तक सप्लाई करने के लिए ज्यादा प्रेशर लगाना होता है, इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। सिरदर्द, चक्कर आना और धड़कन बढ़ना इसके प्रमुख लक्षण हैं।


हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर समस्या है। इससे पीड़ित लोगों को बीपी कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो बीमारी में शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचता है। हाई ब्‍लड प्रेशर होने पर हार्ट अटैक, किडनी में खराबी आदि जैसी समस्‍याएं होने की संभावना बढ़ जाती है। खान-पान की गलत आदतें, मानसिक तनाव और ठीक से नींद ना लेना इस समस्‍या का मुख्‍य कारण है। लेकिन परेशान होने की जरूरत नहीं है क्‍योंकि खजूर की मदद से आप अपना ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल कर सकते हैं।




हाई ब्‍लड प्रेशर के लिए खजूर



दिखने में छोटे खजूर में भारी मात्रा में विटामिन और मिनरल के साथ-साथ प्रोटीन भी पाया जाता है। इसके अलावा फाइबर के गुणों से भी युक्त है खजूर। साथ ही खजूर में विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, ए1 और विटामिन सी भी पाया जाता है। इसके साथ ही पोटैशियम से भरपूर लेकिन सोडियम से मुक्त होता है खजूर। खजूर को ड्राई फ्रूट की श्रेणी में रखा जाता है, जिसके अनगिनत स्वास्थ्य लाभ हैं। इसके अलावा ये टेस्टी भी होते है।

सामग्री

  • खजूर- 3
  • गर्म पानी- 1 गिलास



उच्च रक्तचाप को कैसे करें नियंत्रित

ऐसे करें इस्तेमाल

रोजाना सुबह नाश्ते से पहले तीन खजूर खाएं। इसके तुरंत बाद गर्म पानी पी लें। इस उपाय को लगातार एक महीने तक दोहराएं। हालांकि आप एक महीने बाद भी इस उपाय को ले  सकते हैं।

लेकिन ध्‍यान रहें कि इस उपाय के साथ-साथ आपको अपने खान-पान का भी ध्‍यान रखना है और साथ ही नियमित रूप से एक्‍सरसाइज भी करनी है। साथ ही इस उपाय के साथ हाई ब्लड प्रेशर के लिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का नियमित रूप से सेवन करें। हां अगर आपको लगे कि लक्षण कम होने लगे हैं, तो आप अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकते हैं। 

Monday, 10 July 2017

Double Tonned Milk Benefits For Good Health सेहत के लिए कितना फायदेमंद है 1 गिलास डबल टोंड मिल्‍क, जानें





सेहत के लिए कितना फायदेमंद है 1 गिलास डबल टोंड मिल्‍क, जानें

डबल टोंड दूध को पाउडर वाला दूध मानकर इसका सेवन करना हम पसंद नहीं करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि टोन्‍ड मिल्‍क में फुल क्रीम दूध की तरह सारे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं।

डबल टोंड मिल्‍क के फायदे

जब भी दूध की बात आती है तो हम फुल क्रीम दूध को तो अच्‍छा मानते हैं लेकिन डबल टोंड दूध को पाउडर वाला दूध मानकर इसका सेवन करना पसंद नहीं करते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि टोन्‍ड मिल्‍क में फुल क्रीम दूध की तरह सारे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं, हां इसमें फैट बिल्‍कुल नहीं होता। इसमें कैल्‍शियम भी काफी होता है जो हड्डियों, दांत और मसल्‍स के लिये अच्‍छा होता है। इसमें व्‍हे प्रोटीन भी होता है जो पेट में जा कर आसनी से पच जाता है। आइए जानें हर रोज एक गिलास डबल टोंड मिल्‍क पीना सेहत के लिए कितना फायदेमंद होता है।

फैट की मात्रा कम

डबल टोंड मिल्क में फैट की मात्रा सिर्फ 1.5 प्रतिशत होती है। फैट की मात्रा कम होने की वजह से मोटापे और ह्रदय रोग का खतरा भी नहीं रहता है। आपको रोजाना एक गिलास डबल टोंड मिल्‍क सुबह के समय जरूर पीना चाहिए, इससे लंबे समय तक आपका पेट भरा रहता है और भूख नहीं लगती है। जी हां यह दूध लो-फैट और लो-कैलोरी वाला होता है इसलिए जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह दूध सबसे अच्छा विकल्प होता है। इसके अलावा और आप इसका सेवन कर बिना फैट बढ़ाए एनर्जी प्राप्त कर सकते हैं।

विटामिन डी से भरपूर

डबल टोंड मिल्क में दोगुनी मात्रा में विटामिन डी होता है। विटामिन डी शरीर में अधिक कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है और विटामिन डी आपकी हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है और इससे सुस्ती आने जैसी दिक्कतें भी दूर होती है। इसलिए विटामिन डी पाने के लिए रोजाना एक गिलास डबल दूध का सेवन करें। इसके अलावा इस दूध में पोटैशियम भी होता है जो ब्‍लड प्रेशर के लेवल को सामान्‍य बनाए रखता है।

पोषण से भरा
डबल टोंड दूध पोषण से भरपूर होता है। एक कप डबल टोंड मिल्क में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन होता है। ये पेट के लिए भी अनुकूल होता है। साथ ही यह आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को ठीक रखता है, जिससे आपको दिल की दौरे जैसी अन्य दिक्कतें नहीं होती है। इसलिए डबल टोंड मिल्‍क ही पीएं। इसके अलावा डबल टोंड मिल्क कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत होता है। शरीर की रोज की जरूरत पूरी करने के लिए आप नियमित इसका सेवन कर सकते हैं।

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