Google+ Followers

Friday, 14 April 2017

इस मोहब्बत की किताब के,

इस मोहब्बत की किताब के,

बस दो ही सबक याद हुए,

कुछ तुम जैसे आबाद हुए,

कुछ हम जैसे बरबाद हुए।
Post a Comment